Thursday, July 16, 2020 09:23 PM

बिना बातचीत नहीं चलाएंगे प्राइवेट बसें

शिमला - सरकार द्वारा पहली जून से प्रदेश में सरकारी व निजी बसों को शुरू करने की घोषणा पर निजी बस ऑपरेटर भड़क उठे हैं। निजी बस ऑपरेटरों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनके साथ बातचीत नहीं करेगी, तब तक प्रदेश में निजी बसें नहीं चलाई जाएंगी। बसों के संचालन को लेकर कई तरह के पेंच हैं और कई मामलों में निजी ऑपरेटर अड़ गए हैं। रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निजी बस ऑपरेटर संघ की एक बैठक प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर की अध्यक्षता में हुई है। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिला की यूनियन ने भाग लिया और बैठक में यह तय किया गया कि जब तक सरकार निजी बस ऑपरेटरों को बुलाकर बातचीत नहीं करेगी, तब तक प्रदेश में कोई भी बस नहीं चलेगी। हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा है कि जिला की यूनियन के निवेदन पर यह तय किया गया है कि प्रदेश में सरकार ने पहली जून से प्रदेश में सभी बसें चलाने का फरमान जारी किया है, उससे प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर सहमत नहीं है। ऑपरेटर्ज ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार निजी बस ऑपरेटर्ज से सौतेला व्यवहार कर रही है। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में  60 फीसदी क्षमता में बसें चलाना मुमकिन नहीं है। वहीं, सरकार ने उन्हें कोई राहत देने की घोषणा नहीं की है, जिस कारण निजी बस ऑपरेटर अपनी बसें चलाने में असमर्थ हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि जब तक सरकार प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्ज  को बातचीत के लिए नहीं बुलाएगी, तब तक कोई भी निजी बस नहीं चलेगी।  उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की निजी बसें प्रवासी मजदूरों को छोड़ने के लिए उनके गंतव्य तक राज्य से बाहर अपनी सेवाएं देती रहीं, लेकिन सरकार ने निजी बसों के चालकों,  परिचालकों एवं बस ऑपरेटर्ज को कोई राहत प्रदान नहीं की, जबकि एचआरटीसी को 60 करोड़  का अनुदान दिया तथा उनके चालकों परिचालकों को 50 लाख का बीमा करवाकर दिया। जिस तरह से सौतेला व्यवहार प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर से किया जा रहा है, उसे निजी बस ऑपरेटर बिलकुल भी सहन नहीं करेंगे। इस बैठक में सिरमौर जिला के प्रधान मामराज शर्मा,  शिमला सिटी से सुनील चौहान अमित चड्ढा, कुल्लू के भूपेश नंदन,  चंदन करीर, वीरेंद्र कंवर सहित कुलवीर सिंह गिल,  अनिल वर्मा, नरेश महाजन, रवि  महाजन, दिनेश सैनी, अजय परिहार, अखिल सूद, अनिल मिंटू सहित लगभग 150 निजी बस ऑपरेटर शामिल रहे।