Friday, October 18, 2019 05:20 PM

बिना सूचना बंद कर दी लाइब्रेरी

शिमला में छात्रों ने किया प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशक का घेराव, चार दिन का दिया अल्टीमेटम

शिमला -शिमला के  इवनिंग कालेज की लाइब्रेरी को बिना किसी सूचना से बंद करने पर छात्र बिफर गए हैं। इस पुस्तकालय में दूर-दूर से पढ़ने आने वाले छात्रों ने शिक्षा विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाया है। यही वजह है कि संध्याकालीन अध्ययन संस्थान शिमला के पुस्तकालय को बिना किसी अधिसूचना के बंद करने से सोमवार को नाराज छात्रों ने प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशक का घेराव किया। छात्रों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा निदेशक को चार दिन का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न करने पर छात्रांे ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। दरअसल राज्य पुस्तकालय का ही दूसरा पुस्तकालय संध्याकालीन अध्ययन संस्थान में चल रहा है। संस्थान के छात्र विनय त्यागी, अंकुर ठाकुर, आयुश महाजन, अंकुर खाची, पवन व अन्य छात्रों ने कहा कि पुस्कालय बंद करने की पहले से अधिसूचना जारी नहीं की गई, जबकि सोमवार को प्रतिदिन की तरह छात्र सुबह ही पुस्तकालय के लिए पहंंुच गए थे, लेकिन यहां आकर देखा तो पुस्तकालय को बंद किया गया था। छात्रों का कहना है कि इस बारे में संस्थान के कर्मचारियों से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशक से बात करो, जिसके बाद शिक्षा निदेशक से छात्र मिलने पहुंचे। विनय त्यागी व अन्य छात्रों का कहना है कि अंबेदकर पुस्तकालय चौड़ा मैदान में शिफ्ट करने के लिए निदेशक ने कहा है, लेकिन यह पुस्तकालय भी दो अक्तूबर से शुरू होगा। संस्थान के छात्रों का कहना है कि वे अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैं, ऐसे में इतने दिनों तक वे कहां बैठकर पढ़ेंगे। छात्रों का यह भी कहना है कि अंबेदकर पुस्तकालय मेंं करीब 180 छात्रों के बैठने की जगह है, जबकि संध्याकालीन अध्ययन संस्थान में चल रहे पुस्तकालय सहित राज्य पुस्तकालय में पढ़ने आने वाले छात्रांे की संख्या लगभग 450 है। ऐसे में अंबेदकर पुस्तकालय में छात्रों के बैठने की किस तरह व्यवस्था की जाएगी। छात्रों ने शिक्षा निदेशक से जल्द इसका समाधान करने की मंाग की है।