Saturday, September 21, 2019 04:25 PM

बिलासपुर में स्क्रब टायफस के चार शिकार

महकमे में मचा हड़कंप; जिला में अब तक 60 से ज्यादा मामले पॉजिटिव, लोगों को एडवाइजरी जारी

बिलासपुर -स्क्रब टायफस बिलासपुर में सक्रिय हो गया है। स्क्रब टायफस की चपेट आकर चार लोग अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। इनमें तीन महिलाएं व एक पुरुष शामिल हैं। जिला में इन दिनों लगातार बढ़ते स्क्रब टायफस के मामलो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने जिलाभर में अलर्ट जारी कर दिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. परविंद्र ने बताया कि इस बरसाती सीजन में स्क्रब टायफस के अब तक 60 से ज्यादा मामले पॉजिटिव आ चुके हैं।  जिला के सभी स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों को हर बुखार पीडि़त की प्रारंभिक स्तर पर जांच के आदेश पारित किए हैं। जिला अस्पताल के मेडिकल स्पेशिलिस्ट डा. नरेश चौहान ने बताया कि अस्पताल में उपचाराधीन स्क्रब टायफस के मरीज  शनिवार को जांच के लिए आए थे। अस्पताल में आने से पहले इन मरीजों के बुखार उतरने का नाम नहीं ले रहे थे। इनकी स्थिति को देखते हुए स्क्रब टायफस के टेस्ट करवाए गए, जिनमें तीन स्क्रब टायफस से ग्रसित पाए गए हैं। यह सभी निजी अस्पताल में अपना उपचार करवा रहे थे, लेकिन दवाइयां बेअसर हो रही थी। बिलासपुर में स्क्रब टायफस के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं। इस सप्ताह में अब तक दस लोगों में स्क्रब टायफस के लक्षण पाए जा चुके है। बता दें कि बरसात के शुरू होने के बाद से हर सप्ताह अस्पताल की ओपीडी में औसतन पांच से छह मरीज स्क्रब टायफस के लक्षणों के साथ उपचार के लिए पहंुच रहे हैं। एमओएच डा. परविंदर ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि बरसात के मौसम में आमतौर पर तेज बुखार से पीडि़त रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। यह बुखार स्क्रब टायफस भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह रोग एक जीवाणु विशेष यरिकेटशिया से संक्रमित माइट के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाडि़यों व घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। उन्होंने बताया कि यह जीवाणु चमड़ी से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार को पैदा करता है।

ये हैं लक्षण

डेंगू व टायफ ाइड की तरह बुखार आता है और प्लेटलेट्स कम होने की संभावना रहती है। बुखार आना, शरीर पर दाने निकलना, काफ ी अधिक खांसी आना इसके मुख्य लक्षण है

ऐसे करें बचाव

खुले में शौच न जाएं, खेतों में नंगे पांव न जाए, घर के आसपास वातावरण साफ  रखंें, बुखार आने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं।