Friday, December 13, 2019 07:15 PM

बिल देख छूटे पसीने

 शहर की जनता कूडे़ और पानी के भारी भरकम बिलों से परेशान

शिमला समरहिल वार्ड में मंगलवार को स्थानीय लोगों की एक बैठक की गई। बैठक में समरहिल वार्ड में कूडे़ व पानी के अवैध व अनियंत्रित शुल्कों व अन्य समस्याओं को लेकर वार्ड के लोगों से बातचीत की गई। इस बैठक में नागरिक सभा की समरहिल इकाई का गठन भी किया गया, जिसमें राजीव ठाकुर को समन्वयक और दिवान चंद को सह-समन्वयक सर्वसम्मति से चुना गया बाकी सभी बैठक में उपस्थित लोगों को इस सभा का सदस्य चुना गया। इस बैठक में चर्चा की गई कि नगर निगम गैरकानूनी तरीके से शहर वासियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। वार्ड के लोगों ने बताया कि नगर निगम अनायास ही पानी के बिल थोप रहा है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि उन्हेें निगम 25000 रुपए से 35000 रुपए तक पानी के बिल थोप रहा है, जिससे आम लोगों पर भारी भरकम बोझ पड़ रहा है। इसी के साथ समरहिल क्षेत्र में कू ड़े के बिल भी काफी आ रहे हंै, जिससे भी स्थाीनय लोग काफी परेशान हैं। कूड़े उठाने के बिल भी मनमाने तरीक से चार्ज किए जा रहे हैं, जिसमें पीजी के नाम सालाना 11000 रुपए से 12000 रुपए तक शुल्क लिया जा रहा है। लोगों का मानना है कि यह आम लोगों के साथ साफ तौर पर अन्याय किया जा रहा है। यहीं नहीं कूड़ा रोजाना उठे न उठे ऑनलाइन बिल थमा कर जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है। नवगठित कमेटी के समन्वयक राजीव ठाकुर ने कहा कि जल्द ही बैठक में निर्णयानुसार नागरिक सभा, समरहिल का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त से मिलेगा और मांग करेगा कि शहर में जितने भी पीजी चल रहे हैं। उनके संचालन के लिए नगर निगम एक नीति बनाए। इनसे जो मनमाने तरीके से बिल दिए हैं चाहे वह पानी का बिल हो या कूड़ा उठाने के लिए, उन्हें वसूलना बंद करें। साथ ही जिन्होंने इसका भुगतान कर दिया है उन्हें एडजेस्ट करंे। नागरिक सभा की समरहिल इकाई ने कहा कि सरकार जनता की शिकायतों के निवारण के लिए जगह-जगह जनमंचों का आयोजन कर रही है, लेकिन शिमला शहर की जनता की शिकायतों के लिए इसका आयोजन अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता संपति कर के साथ-साथ अन्य कई किस्म के शुल्कों का भुगतान करती है, लेकिन नागरिकों को सहुलतें प्रदान करने में नगर निगम साफ  तौर पर फेल हो गया है और हर सेवा पर मनमाने ढंग से शुल्कों को वसूल कर ठेकेदारों के पेट पाल रहा है। ठाकुर ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल मिलने के बाद एक नागरिक सभा एक समय नगर निगम शिमला को देगी। इसके बाद भी अगर तय समय के अंदर शिकायतों का निपटारा नहीं किया गया, तो ऐसे में आम जनता को लामबंद करते हुए ठोस आंदोलन होगा। इस बैठक में जिसमें रामलाल वर्मा, विरेश नायर, रीतु लम्बा, अन्नु चंदेल, नरेंद्र ठाकुर, राजकुमार, लता शर्मा, दिवान चंद, शकुंतला ठाकुर, मुनीष तलवार, पंकज शर्मा, राहुल वर्मा, राजीव ठाकुर नरेंद्र ठाकुर-2, सरोज शर्मा, विश्वा भूषर्ण व ज्ञान सिंह उपस्थित रहे।