Friday, August 07, 2020 05:26 PM

बीआरओ से एक और सड़क वापस लेने की तैयारी में सरकार

केलांग – स्पीति में ग्रांफू-सुमदो मार्ग पर मचा घमासान जहां प्रदेश सरकार की मुश्किले बढ़ा रहा है, वहीं अब सरकार लाहुल के एक अन्य मार्ग को भी बीआरओ से लेकर पीडब्ल्यूडी के हवाले करने की तैयारी में है। ऐसे में जहां स्पीति के बाद अब लाहुल के लोगों की भी दिक्कतें बढ़ने वाली हैं, वहीं लाहुल के इस मार्ग को पीडब्ल्यूडी को देने के लिए सरकार ने अपनी तरफ से कसरत भी शुरू कर दी है। इस बात का खुलासा लाहुल-स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने केलांग में आयोजित पत्रकार वार्ता में किया है। उन्होंने कहा कि स्पीति के ग्रांफू-सुमदो सड़क को लेकर सरकार के आवेदन करने के बाद ही केंद्र सरकार ने इसे पीडब्ल्यूडी को देने की अधिसूचना जारी की है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश सरकार लाहुल के अति महत्त्वपूर्ण मार्ग तांदी-संसारी नाला मार्ग को भी बीआरओ से लेकर पीडब्ल्यूडी को देने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रे के बंद होने की स्थिती में जहां तांदी-संसारी नाला मार्ग होकर लोग लाहुल पहुंचते हैं, वहीं इस मार्ग के माध्यम से लाहुल में जरूरी सामान भी पहुंचाया जाता है। ऐसे में अब इस मार्ग की देखरेख का जिम्मा भी पीडब्ल्यूडी को देने की जहां सरकार तैयारी कर रही है, वहीं लोगों की दिक्कतें भी बढ़ने वाली हैं। रवि ठाकुर ने कहा कि तांदी-संसारी नाला मार्ग जहां चंबा को लाहुल से जोड़ता है, वहीं यह मार्ग पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा तक भी जाता है। ऐसे में यह मार्ग सेना व सुरक्षा की दृष्टि से भी अति महत्त्वपूर्ण है। लिहाजा इस मार्ग को भी पीडब्ल्यूडी के हवाले करने की जो तैयारी सरकार कर रही है उसका लाहुल-स्पीति कांग्रेस खुलकर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ग्रांफू-सुमदो मार्ग को बीआरओ से लेकर पीडब्ल्यूडी को देने की अधिसूचना अभी हाल ही में जारी की गई है, वहीं स्पीति के लोगों ने इस अधिसूचना का जमकर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वह सरकार को दो टूक शब्दों में यह चेतावनी देते हैं कि अगर तांदी-संसारी नाला मार्ग को पीडब्ल्यूडी के हवाले किया गया, तो लाहुल-स्पीति कांग्रेस सड़कों पर उतर जहां सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी, वहीं जिला के विभिन्न क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन का भी दौर चलेगा।

बीआरओ के मजदूर भी कर रहे विरोध

उन्होंने कहा कि जहां तक बात ग्रांफू-समदो सड़क की नई अधिसूचना की है, उसका स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध का वह समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तो बीआरओ के मजदूरों ने भी स्पीति में सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर डाला है। स्पीति के मुख्यालय काजा में जहां बीआरओ के मजदूर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वहीं इस पहली बार है जब स्पीति घाटी में बीआरओ के मजदूरों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन किया है। रवि ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से लाहुल-स्पीति के लोगों की सरकार अनदेखी कर रही है वह बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना के इस दौर में जहां सरकार को लाहुल-स्पीति के लोगों की हर तरह से मदद करनी चाहिए थी, वहीं सरकार द्वारा जारी ग्रांफू-सुमदो सड़क की नई अधिसूचना ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा डाली हैं।

बेरोजगार कला अध्यापकों ने मांगी नौकरी

कुल्लू। प्रधानमंत्री ने कला अध्यापकों के रिक्त पदों को भरने के आदेश दिए, लेकिन हिमाचल सरकार पदों को भरने के लिए उचित कदम नहीं उठा पा रही है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार कला अध्यापकों ने सरकार से नाराजगी जाहिर की है। बेरोजगार कला अध्यापक नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। बेरोजगार कला अध्यापक संघ कुल्लू ने अपनी इस मांग को लेकर वीडियो कान्फे्रंस की और अपने मुद्दों को लेकर गहनता से चिंतन मंथन किया। बेरोजगार कला अध्यापक संघ कुल्लू के  के अध्यक्ष विशन चंद, उपाध्यक्ष ठाकुर चंद, सचिव अंजु शर्मा, सलाहकार टेक चंद, टशी नेगी, नीलम, रूपेश, धनवीर आदि सभी ने बताया कि सरकार ने बाहर से बेरोजगारों को नौकरी दिलाई है। इसका  स्वागत करते हैं।  फैसला बहुत सराहनीय है, लेकिन सरकार कला अध्यापकों के पदों को क्यों नहीं भर रही है, जो कि 15-20 वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।  सभी बेरोजगार युवाओं ने सरकार से यही मांग की है कि कला अध्यापक के इन रिक्त पदों को शीघ्र भरने का प्रयास किया जाए, ताकि उनकी लंबित समस्या का समय रहते हल हो सके।

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