Monday, July 22, 2019 12:39 AM

बीपीएल में नाम दर्ज करवाने के लिए दौड़

हमीरपुर —प्रदेश में एक तरफ जहां कुछ पंचायतें खुद को बीपीएल से मुक्त कर समाज में एक मिसाल कायम कर गरीबी का कलंक मिटाने की मिसालें पेश कर रही हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बीपीएल में नाम दर्ज करवाने के लिए पूरी जद्दोजहद कर रहे हैं और जिला प्रशासन के पास शिकायतें लेकर पहंुच रहे हैं। किसी को इस बात से रोष है कि उनका नाम बीपीएल से काट दिया गया, जबकि कुछ इस बात से नाराज हैं कि पिछले दिनों जो पंचायतों में कोरम हुए उसमें बीपीएल सूची में उनका नाम नहीं डाला गया। नतीजन कोई पड़ोसियों को निशाने पर ले रहा है तो कोई पंचायत प्रतिनिधियों को। हमीरपुर में भी रोजाना इस तरह के मामले देखने को मिल रहे हैं। दर्जनों की तादाद में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं कि उनका नाम बीपीएल सूची से काट दिया गया और उनके ही गांव के व्यक्ति को जिसके पास सब कुछ है उसे लिस्ट में डाल दिया गया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि बीपीएल में शामिल होने के लिए जो प्रतिमाह की इनकम तय की गई है वो 2500 रुपए या इससे कम है। इसके अलावा उसके पास चौपहिया वाहन न हो। मकान कच्चा हो। घर में शहरों जैसी सुविधाएं न हों। अब सवाल उठता है कि वाकई में आज ऐसे हृष्ट-पुष्ट लोग हैं जो 2500 रुपए प्रतिमाह नहीं कमा पा रहे हैं। जबकि मोबाइल, फ्रिज, बड़ा टीवी जैसी सुविधाएं आज लगभग हर घर में देखने को मिल रही हैं। हां जहां कोई बुजुर्ग हैं और उन्हें संभालने वाला कोई नहीं है, ऐसे कुछ केस हो सकते हैं लेकिन जिस तरह से लोगों ने सूचियों से नाम कटने के बाद हायतौबा मचा ररखी है वो सही जान नहीं पड़ती। लोगों को चाहिए कि वे खुद को बीपीएल लिस्ट से हटवाएं, ताकि प्रदेश में एक मिसाल कायम हो।