Friday, August 14, 2020 10:44 PM

बुरे वक्त में सरकारी योजनाएं बनीं सहारा

नाहन – कोरोना महामारी के मद्देनजर देश व्यापी लॉकडाउन के दौरान हिमाचल प्रदेश में हजारों की संख्या में लोगों की वापसी हुई जिनमें दूसरे राज्यों में काम कर रहे श्रमिक व कामगार भी शामिल हैं। इसी प्रकार बाहरी राज्यों के हजारों श्रमिक व कामगार जो पहले से ही प्रदेश में काम कर रहे थे लॉकडाउन में यातायात की सुविधा के अभाव व आवाजाही की रोक के चलते बिना आजीविका के इसी प्रदेश में रह रहे थे। प्रदेश के गरीब परिवार, औद्योगिक इकाइयों, दुकानों, निर्माण कार्यों तथा दिहाड़ी व मजदूरी करने वाले श्रमिक व कामगार चाहे वे बाहरी राज्यों के हो या फिर प्रदेश के उन्हें भी बिना आजीविका के अपना व अपने परिवार का भरण-पोषण करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में कोई भी व्यक्ति या परिवार बिना भोजन के न रहे तथा सभी के लिए खाना मुहैया करवाना एक चुनौती बनी जिसके लिए प्रदेश सरकार ने प्रशंसनीय व कारगर कदम उठाते हुए आत्मनिर्भर भारत योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मुफ्त खाद्य सामग्री और गैस सिलेंडर लोगों को उपलब्ध करवाए हैं। इस दौरान जिला में रह रहे प्रवासियों को खाद्यान्नों की कोई कमी नहीं आने दी गई।

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