Friday, October 18, 2019 04:38 PM

बेरोजगारी पर भड़की जनवादी नौजवान सभा

शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया धरना-प्रदर्शन केंद-राज्य सरकार पर जड़े आरोप

शिमला -भारत की जनवादी नौजवान सभा ने शिमला उपायुक्त कार्यालय  के बाहर धरना-प्रदर्शन कर मांग दिवस मनाया। इस दौरान नौजवान सभा ने आरोप लगाया कि आज देश में बेरोजगारी की स्थिति भयानक रूप ले चुकी है। पिछले 45 वर्षों में आज देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर है। इस वर्ष तो लाखों लोगों का रोजगार भी छिन चुका है। केंद्र व राज्य सरकारें युवाओं को रोजगार प्रदान करने की दिशा में कुछ भी काम नहीं कर रही हैं। धरना-प्रदर्शन को डीवाईएफआई के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बलबीर पराशर, राज्य सचिव चंद्रकांत वर्मा, रुचिका वजीर व अनिल पंवर ने संबोधित किया। उन्होंने आरापे  लगाया कि केंद्र व प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा सरकारें नौकरियों के नाम पर युवाओं को गुमराह कर रही हैं। नवउदारवादी नीतियों को तेजी से लागू किया जा रहा है। इन नीतियों के चलते देश व प्रदेश मंे आउटसोर्स व ठेके के आधार पर रोजगार मुहैया कराकर सरकारें करोड़ों युवाओं का आर्थिक व मानसिक शोषण कर रही हैं। सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को समाप्त कर लाखों युवाओं को काम के लिए असंगठित क्षेत्र की ओर धकेला जा रहा है। इस वर्ष तो टैक्सटाइल व ऑटोमोबाइल क्षेत्र में आर्थिक मंदी के कारण हजारों लोगों का रोजगार छिन चुका है। केंद्र की भाजपा सरकार ने एयर इंडिया व रेलवे के निजीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। बलबीर पराशर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विभिन्न विभागों में हजारों पद रिक्त पडे हैं। इनमें से मात्र कुछ पदों पर प्रदेश सरकार आउटसोर्स, अनुबंध व अंशकालीन आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं, जबकि शेष रिक्त पड़े पदों को समाप्त किया जा रहा है। बेरोजगारी भत्ते के नाम पर प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं को गुमराह कर रही है। प्रदेश सरकार कौशल विकास भत्ते को नीजि शिक्षण संस्थान चला रहे अपने चहेतों को बांट रही है। सरकार द्वारा तय की गई नीति के तहत प्रदेश के किसी भी उद्योग, पनविद्युत परियोजना में प्रदेश के युवाओं को 80 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है।

11 नवंबर को बनाई जाएगी रणनीति

बलवीर पराशर ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार मात्र चंद पूंजीपतियों व बडे ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की नीतियां बना रही है। उन्होंने कहा कि डीवाईएफआई आने वाले समय में रोजगार की मांग को लेकर व्यापक अभियान चलाकर आंदोलन शुरू करेगी। इस अभियान की रुपरेखा आगामी 11 नवंबर को दिल्ली में रोजगार के मुद्दे पर होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन मंे तैयार की जाएगी।

प्रदर्शन में इन्होंंने लिया भाग

धरना-प्रदर्शन में बलबीर पराशर, चंद्रकांत वर्मा, रुचिका वजीर, अनिल पंवर, वीरेंद्र, पवन शर्मा, कविता कांटू, अमित कश्यप, प्रियंका, गौरव, हैपी, अंजली,  अमित कुमार, अंकित, रंजीत, शिवम, निशांत, चिराग, विकास राणा, अंकित दुबे, दिव्यांशु, कपिल, सनी सिक्टा मौजूद रहे।