Monday, April 06, 2020 06:32 PM

बैंक पाबंदी एक नया ड्रामा

-डा. राजन मल्होत्रा, पालमपुर

आठ नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री ने पुराने नोट बंद करके नोटबंदी की थी। उसके बाद पंजाब नेशनल बैंक का नीरव मोदी घोटाला हुआ। जिसमें वह बैंक के कई हजार करोड़ रुपए लेकर विदेश भाग गया। परिणामस्वरूप पंजाब नेशनल बैंक ने अपनी पूंजी निकालने की सीमा बीस हजार प्रतिमाह कर दी थी। अब यस बैंक ने अपने ग्राहकों की मासिक सीमा पचास हजार कर दी है, जो बहुत अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक है। जगन्नाथपुरी मंदिर का 545 करोड़ रुपए भी यस बैंक में जमा है। ऐसे में इस बैंक में घाटा कैसे हो गया, समझ नहीं आता। विकास दर 7.1 से घटकर 5.6 आ गई है, जो बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है। आखिर कब अर्थव्यवस्था लाइन पर आएगी, यह आने वाला समय बतलाएगा।