Tuesday, September 17, 2019 02:04 PM

बैकों के एकीकरण का क्या लाभ

- डा. राजन मल्होत्रा, पालमपुर

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में वित्त फैलाव तथा बैकों में सुधार की कुछ बातें कही हैं। जो हैं तो स्वागत योग्य। पर है संभव से परे। उदाहरणः बैकों का एकीकरण कर उनकी संख्या 21 बैकों से घटाकर 12 कर दी गई है। इन 21 बैकों में जो लगभग 50 लाख करोड़ के करीब पैसा है, वह उन्हें 21 से 12 बनाने पर भी 50 लाख करोड़ रहेगा। हां इसके एकीकरण से यह लाभ जरूर होगा कि जो रिजर्व बैंक ने इन बैकों को ऊपर उठाने के लिए 70,000 करोड़ देना था, वह अब 12 बैकों को देना पड़ेगा। यदि यह पैसा 21 बैकों को जाता तो प्रत्येक बैंक को 2592 करोड़ आते और अब 12 बैकों को जाएगा तो प्रत्येक बैंक को 5833 करोड़ रुपए जाएगा। ऐसे एकीकरण से क्या लाभ? आम जनता को तो 10,000 रुपए ऋण तक नहीं मिलता, फिर एकीकरण का क्या लाभ? मैं स्वयं पैंशन धारक हूं पर बैंक ने मुझे 50,000 तक का ऋण पालमपुर में देने से इनकार कर दिया और साफ कहा गया कि अगर आपकी एफडी है तो ऋण मिलेगा वर्ना नहीं। इस एकीकरण का उघ्ेश्य समझ नहीं आया।