Saturday, February 29, 2020 06:29 PM

बॉडी में खून की कमी होने पर डेंगू का खतरा अधिक

जिन लोगों के खून में लौह तत्व (आयरन) की कमी होती है, उनसे मच्छरों के जरिए दूसरे लोगों को डेंगू के संक्रमण का खतरा अधिक होता है। एक अध्ययन में यह दावा करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि बीमारी के दौरान लौह तत्वों का सेवन करने वाले रोगी मच्छरों के काटने से होने वाले इस रोग के प्रसार को बढ़ने से रोक सकते हैं। डेंगू बुखार एडीज एजिप्टी प्रजाति के मच्छरों के काटने से होता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, शरीर पर चकत्ते पड़ना और तेज दर्द होना शामिल हैं। डेंगू के कुछ मामलों में रोगी का सही समय पर इलाज नहीं होने से मौत तक हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल डेंगू के करीब 39 करोड़ मामले आते हैं और इसका प्रकोप अब अफ्रीका, अमरीका, दक्षिण पूर्व एशिया तथा प्रशांत क्षेत्र के 100 से अधिक देशों में है। डेंगू के जिन रोगियों के रक्त में आयरन का स्तर अधिक होता है, उनका रक्त चूसने वाले मच्छरों के जरिए आगे वायरस का संक्रमण होने की आशंका कम होती है। अमरीका के कनेक्टिकट विश्वविद्यालय के पेंघुआ वांग के नेतृत्व में अनुसंधानकर्ताओं ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि क्या डेंगू रोगी के रक्त की गुणवत्ता का डेंगू वायरस के प्रसार पर असर होता है।