Thursday, October 17, 2019 01:53 AM

ब्यास की लहरों से फिर खेलेंगे सैलानी

मनाली -ब्यास की जलधाराओं पर मौज मस्ती करने का सिलसिला घाटी में एक बार फिर शुरू हो गया है। प्रशासन ने दो माह बाद जिला में रिवर राफ्टिंग पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। ऐसे में रविवार को जहां जिला के रिवर राफ्टिंग स्थलों पर सैलानियों की भीड़ देखने को मिली, वहीं बंद बड़े राफ्टिंग काउंटर फिर खुलने से कारोबारियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। 15 जुलाई से जहां घाटी में दो माह के लिए रिवर राफ्टिंग पर रोक लगाई गई थी, वहीं 15 सितंबर से एक बार फिर घाटी में रिवर राफ्टिंग का दौर शुरू हो गया। पहले ही दिन जहां राफ्टिंग काउंटरों पर सैलानियों का जमाबड़ा रिवर राफ्टिंग करने के लिए लगा रहा। ब्यास की लहरों पर इस दौरान सैलानियों ने जमकर मस्ती की। जिला में सहासिक गतिविधियों के दोबारा शुरू होने से जहां घाटी के पर्यटन कारोबार को भी रफ्तार मिलेगी, वहीं पर्यटन विभाग ने भी सहासिक खेलों को बढ़ावा देने की योजना पर युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। बता दें कि रविवार को जिला के बंदरोल, रायसन, बबेली में रिवर राफ्टिंग करने के लिए सैलानियों की खासी भीड़ देखने को मिली। दो महीने बाद ब्यास नदी में जहां रविवार को राफ्ट्स को चलाया गया, वहीं इससे एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रेमी भी खुश दिखे। दिल्ली से मनाली घूमने आए सैलानी राजवीर का कहना है कि वह परिवार सहित मनाली घूमने आए हैं। उन्होंने कहा कि अभी वे मनाली के रास्ते में ही थे कि उन्हें सड़क किनारे रिवर राफ्टिंग का एक काउंटर दिखा। उन्होंने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि रविवार को ही वह मनाली पहुंचे और इसी दौरान यहां रिवर राफ्टिंग शुरू की गई। उन्होंने परिवार सहित ब्यास नदी मेें रिवर राफ्टिंग करने का जमकर लुत्फ उठाया। उधर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बीसी नेगी का कहना है कि 15 सितंबर से घाटी में रिवर राफ्टिंग पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि घाटी में सहासिक गतिविधियों का दौर शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि रिवर राफ्टिंग एजेंसियों के संचालकों को आदेश दिए गए हैं कि वे प्रशिक्षत गाइड्स को रखें और सैलानियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बातया कि विभाग की एक कमेटी रिवर राफ्टिंग एजेंसियों के संचालकों पर नजर रखे हुए है। जल्द ही इनके उपकरणों की फिर से जांच की जाएगी।