Sunday, July 25, 2021 09:05 AM

ब्यास-पार्वती नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-कुल्लू कोरोना कफ्र्यू में ढील मिलने के बाद जहां सोमवार से सुबह नौ से पांच बजे तक दुकानें खुली रहीं। वहीं, सोमवार को बाजारों में भी काफी भीड़ देखने को मिली। हालांकि सभी व्यापारियों को कोविड नियमों के तहत ग्राहकों को सामान देने की बात कही है, लेकिन जिस तरह से सोमवार को बाजारों में दुकानों में लोग खरीदारी कर रहे है।

उसके बाद से कुल्लू पुलिस ने फैसला लिया है कि अब रोजाना रूटीन चैकिंग होगी। इस दौरान जिस भी दुकान में अगर कोविड नियमों का पालन करते हुए दुकानदार नहीं पाएं जाएंगे, तो उन्हें न केवल जुर्माना किया जाएगा बल्कि उनकी दुकान भी बंद कर दी जाएगी। वहीं, एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि सोमवार को कुछ दुकानों में पाया गया कि दुकानदार कोविड नियमों का पालन नहीं कर रहे हं। यही नहीं अधिकतर ऐसी भी दुकानें है, जहां पर दुकान के बाहर गोले नहीं लगाए गए हैं ताकि लोग दो गज की दूरी में खड़े होकर सामान खरीद सके। एसपी गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस लगातार लोगों को मास्क अच्छे से पहनने और दो गज की दूरी को लेकर जागरूक लगातार कर रही है। वहीं, पुलिस व रूस्तम टीम के युवा शादी विवाह में जाकर भी लोगों को जागरूक कर रहे हंै। पूरे शहर में मास्क अच्छे से पहनने को लेकर जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा करना पुलिस का काम है। उन्होंने कहा कि वह भी टीम के साथ बाजारों का निरीक्षण करेंगे। वहीं, पुलिस टीम भी अब रूटीन में बाजारों का निरीक्षण करेंगे। जहां पर कोविड नियमों का पालन न करने वाले दुकानदारों के जुर्माना किया जाएगा और साथ ही उनकी दुकान भी बंद कर दी जाएगी।

लंबे समय बाद रोहतांग दर्रे पहुंचे सैलानी, सोमवार को 150 वाहनों ने मारी एंट्री

निजी संवाददाता-मनाली आखिरकार डेढ़ साल बाद छाई वीरानगी दूर हो गई और 13050 फीट ऊंचा अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल रोहतांग सैलानियों से चहक उठा। एनजीटी के आदेशों सहित कोविड के नियमों के पालन की शर्त पर पर्यटकों को रोहतांग जाने की अनुमति मिल गई। हालांकि पहले दिन गाडिय़ों का आंकड़ा कम रहा। लेकिन रोहतांग दर्रा देर सवेर पर्यटकों की रौनक से चहक उठा। सोमवार को प्रशासन के मुताबिक करीब 150 वाहन रोहतांग दर्रा पहुंचे। वहीं, अटल टनल की अगर बात करें, तो यहां पिछले कुछ दिनों से आवाजाही जारी थी। लेकिन सोमवार को करीब 500 वाहनों ने टनल क्रास किया है।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से सैलानियों के आने से कुल्लू-मनाली सहित लाहुल-स्पीति में पर्यटक पहुंचने लगे है। वहीं, मनाली प्रशासन अभी मैनुअली ही परमिंट जारी कर रहा है तथा व्यवस्था बनाने तक स्थानीय पर्यटन वाहनों को ही रोहतांग जाने की अनुमति दे रहा है । लेकिन स्थिति सामान्य हो जाने पर पर्यटक ऑन लाइन परमिंट प्राप्त कर रोहतांग जा सकेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों को कोविड रिपोर्ट पर छूट देने के बाद से मनाली में पर्यटकों की आमद बढऩे लगी है। प्रदेशभर से भी 200 से अधिक वाहन आ रहे हैं । जबकि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक वाहनों का आंकड़ा भी पांच सौ के पार होने लगा है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि पिछले दिनों से पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि 20 जून के बाद पर्यटकों का सैलाब उमडऩे की उम्मीद है। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष पूर्ण चंद पोहलु ने स्थानीय पर्यटक वाहनों को प्राथमिकता देने पर मंत्री गोविंद ठाकुर व प्रशासन का आभार जताया। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने सभी पर्यटकों से कोरोना के नियमों का पालन करने का आग्रह किया।

कुल्लू। मैदानी इलाकों की गर्मी से बचने के लिए बाहरी राज्यों से लोग सुकून पाने के लिए पहाड़ों की तरफ रुख करते हैं, लेकिन कोरोना महामारी के चलते पिछले साल से सैलानी कुल्लू-मनाली का रुख नहीं कर पाए। वहीं, अब कोरोना मामले घटने और बंदिशों में छूट मिलने के बाद सैलानियों ने फिर से पहाड़ों का रुख करना शुरू कर दिया है।

वहीं, सरकार ने भी बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए आरटीपीसीआर की रिपोर्ट की जरूरत नहीं है। उसके बाद अब अधिक संख्या में सैलानी जिला कुल्लू का रुख कर रहे हैं, जहां पर इन दिनों जिला कुल्लू के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों पर सैलानियों का जमावड़ा भी देखने को मिल रहा है।

बसें चलने से लोगों को मिली राहत,भुंतर में खरीददारी को पहुंचे दूर-दराज के लोग

स्टाफ रिपोर्टर-भुंतर कोरोना संकट की बंदिशों में मिली छूट के बीच लोगों की सुविधा के लिए बस सेवा सोमवार से आरंभ हुई। बता दें कि 38 दिन बाद एचआरटीसी ने सेवाएं शुरू की हैं। सेवाएं आरंभ होने से लोगों को राहत मिली है, तो दूर-दराज के लोग भी बसों के जरिए सोमवार को बाजार तक पहुंचे। हालांकि अभी कुछ ही बस सेवाओं को बहाल किया गया है और आने वाले दिनों में बसों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार जिला कुल्लू के भुंतर और रूपी-पार्वती घाटी के सभी स्थानों के लिए 50 फीसदी क्षमता के साथ बसें चलीं। दिन के समय हालांकि बसों में सवारियां कुछ कम ही देखने को मिली, लेकिन सुबह और शाम के समय बसों में जरूर सवारियां अच्छी तादाद में नजर आर्इं। जानकारों के अनुसार पहले दिन बस सेवाओं के असमंजस के कारण भी कई सवारियों ने बसों में सफर नहीं किया और आने वाले दिनों में बसों में सवारियों की संख्या बढ़ेगी।

कोरोना बंदिशों के चलते करीब एक माह से अधिक समय तक बस सेवाएं बंद रही हंै। इस कारण से लोगों को परेशानी हो रही थी। विशेषकर जिन लोगों के पास अपने वाहन नहीं है और दूर-दराज के ईलाकों के लोगों को परेशानी हो रही थी। इसके अलावा दुकानों व अन्य निजी संस्थानों में काम करने वाले लोगों को भी वाहनों के लिए तरसना पड़ रहा था। इसी के तहत सोमवार से जिला कुल्लू के भुंतर सहित रूपी, पार्वती घाटी के रूटों पर भी बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ दौडऩी आरंभ हो गई। भुंतर से गड़सा, दियार, हवाई, भलाण, सचाणी, मणिकर्ण, बरशैणी, रतोचा सहित अन्य रूटों के लिए बसें चली। भुंतर में विशेष इंतजाम इस दौरान किए गए थे और सभी चालकों व परिचालकों को भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सवारियों को भी नियमों का पालन करने को कहा है। सरकार के निर्देशों के अनुसार सुबह नौ बजे से पांच बजे तक बाजार को खोला गया है, तो इस दौरान के लिए बस सेवाओं को भी बहाल किया गया है।

बाजारों में पांच बजे तक रौनक सोमवार को बाजार भी शाम पांच बजे तक खुले रहे। इसके कारण दोपहर दो बजे पिछले एक सप्ताह से जो दौड़ धूप दिख थी, वह भी नहीं दिखी। लोग आराम से खरीददारी करते नजर आए। इसके अलावा जो लोग निजी वाहन सुविधा न होने के कारण बाजार में नहीं आ पा रहे थे, वे बसों के जरिए बाजार पहुंचे और जरूरत का सामान खरीदा। सामान खरीदने पहुंचे ग्रामीणों डेहरू राम, उर्मिला, भूपेंद्र कुमार, प्रवीण शर्मा, केहर सिंह व नीमत राम आदि ने बताया कि बसें न चलने से वे बाजार नहीं आ पा रहे थे और सोमवार को बस सेवा बहाल होने से उन्होंने खरीददारी की है।

कार्यालय संवाददाता-पतलीकूहल करीब 38 दिनों के बाद प्रदेश में सरकारी बस सेवा के बहाल होने से लोगों ने बसों में सफर किया और गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहे। वहीं पर बाजारों में भी सभी दुकानों के खुलने से लोग खरीददारी करने पहुंचे। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व अन्य राज्यों से आने वाले सैलानियों के वाहन भी मनाली और निकले, जिससे कई पर्यटकों ने सीधे रोहतांग पास जाकर अपनी पंसदीदा पर्यटक स्थल पर जमी हुई बर्फ पर अठखेलियां की। हालांकि अभी पर्यटकों का आगमन धीरे-धीरे बढ़ रहा है जिससे सोमबार को मनाली के माल रोड पर पर्यटकों की चहलकदमी रही। भूंतर से लेकर कुल्लू व पतलीकूहल व मनाली के बाजारों में लोगों का भारी हुजूम रहा।

वाहनों की तादाद अधिक होने से एनएच पर स्थित बाजारों में पुलिस प्रबंधन को भारी मशक्त करनी पड़ी क्योंकि बाजारों से गुजरने वाले वाहनों की वजह से जाम जैसी स्थिति भी बनी लेकिन कुछ ही मिनटों में उसे पुलिस कर्मचारी सुलझाते रहे। मनाली जैसे पर्यटक स्थल में पर्यटकों की चहलकदमी से बाजार में खूब रौनक रही। नगरी पर्यटकों के कदम पडऩे से जहां होटलियर खुश हैं। वहीं, पर टैक्सी आपरेटर ने भी कुछ राहत सांस ली हैं, क्योंकि मनाली में टैक्सी ऑपरेटर पिछले करीब 38 दिनों से हाथ पर हाथ धरे बैठे थे । लेकिन पर्यटकों के आगमन से उन्हें भी कमाई करने का अवसर मिलेगा उससे आपरेटर खुश हैं।

स्टाफ रिपोर्टर-बंजार कुछ दिनों से अवैध तरीके से मछली पकडऩे की शिकायत मत्स्य विभाग ट्राउट फार्म हामनी में कार्यरत मत्स्य अधिकारी डीसी आर्य को मिल रही थी, जिसके तहत योजना बनाकर 25 अवैध मछली पकडऩे वाले शिकारियों को पकड़ा गया। जिनसे 28500 रुपए जुर्माना वसूल किया गया और साथ में हिदायत दी कि भविष्य में दोबारा अवैध तरीके से मछली का शिकार करते हुए अगर पकड़े जाते हैं और सख्त कार्रवाई अमल में लाकर शिकारियों को कानून के हवाले कर दिया जाएगा। उडऩ दस्ते में शामिल मत्स्य अधिकारी डीसी आर्य के अगवाई में संजीव कौंडल मत्स्य क्षेत्रीय सहायक मंगलौर बीट, अभिषेक मत्स्य क्षेत्रीय सहायक लारजी कार्यालय, विजय कुमार, भोलाराम, प्रताप चंद्र तथा हिमप्रभ ने मिलकर 25 लोगों को पकड़ा है। ये सभी लोग गलत तरीके से मछली पकडऩे का कार्य कर रहे थे और कई दिनों से इन लोगों के खिलाफ शिकायतें मिल रहीं थी, जिस कारण विशेष रूप से गठित उडऩ दस्ते द्वारा इन लोगों को पकड़ा गया और जुर्माना लेकर चेतावनी देते हुए भविष्य में ऐसा काम न करें की हिदायत दी गई। वहीं जिला निदेशक मत्स्य विभाग पतलीकूहल महेश कुमार का कहना है कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथों में न लें यदि कोई एंग्लिंग करना चाहते हैं, तो विभाग से लाइसेंस लें कर के आप आनंद ले सकते हैं, पर कानून के विपरीत यदि कोई भी इस तरह का काम करता है, तो उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

ग्लेशियरों के पिघलने से भुंतर सहित कई स्थानों पर दिख रहा बढ़ा हुआ जलस्तर

स्टाफ रिपोटर-भुंतर चोटियों पर पिघलते ग्लेशियरों से सदानीरा ब्यास और पार्वती का जलस्तर धीरे-धीरे बढऩे लगा है। जिला कुल्लू के भुंतर सहित अन्य स्थानों पर दरिया का रौद्र रूप दिखने लगा है। लिहाजा, आने वाले दो से तीन माह तक दरिया का स्तर इसके आसपास के लोगों को भी परेशान करने वाला है। पानी का स्तर बढ़ते ही हर साल जिला भर में ब्यास की लहरों में हिलोरे मारती राफ्टें भी दिखनी आरंभ हो जाती हंै। लेकिन गत वर्ष के बाद से कोरोना संक्रमण के कारण ब्यास का पानी को हिलोरे मार रहा है, लेकिन किश्तियां दिख नहीं रही है। कोरोना संकट का सबसे ज्यादा पर्यटन कारोबार पर असर दिखा है और इसके कारण साहसिक गतिविधियों पर विराम लगा हुआ है। हालांकि सोमवार से बंदिशों में छूट के बाद सैलानियों की संख्या बढऩे की आशा है। सर्दियों में जाम हुए रोहतांग और पार्वती ग्लेशियर के कारण दरिया दो से तीन माह तक नाले की तरह दिखती है और अप्रैल के बाद से पानी बढऩे लगता है।

जून और जुलाई माह में तो यह अपने पूरे चरम पर रहती है। भुंतर से लेकर औट तक ब्यास के किनारे कई प्रवासी भी डेरा जमाए रहते हैं और दरिया का पानी इनके लिए भी चुनौती पैदा करता है। हालांकि मानूसन के दस्तक के साथ ही प्रशासन द्वारा इन्हे अलर्ट भी जारी किया जाता है। बता दें कि इस बार चोटियों पर बर्फबारी अच्छी हुई है। मौसम भी ठंडा रहा है। ऐसे में दरिया का पानी ज्यादा देर तक इसी प्रकार चरम पर रहने की आस है। ग्लेशियरों में अभी भी बर्फ की अच्छी खासी परत दिख रही है। पार्वती घाटी की चोटियों की ओर साहसिक गतिविधियों के लिए रूख करने वाले विशेषज्ञों की मानें, तो इस बार खीरगंगा और मानतलाई में बर्फ की औसत परत दिखी है। कोरोना के कारण हालांकि चोटियों पर साहसिक गतिविधियों की अभी तक कोई ईजाजत नहीं मिली है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष डा. ऋचा वर्मा के अनुसार दरिया का पानी बढऩे लगा है और ऐसे में दरिया के आस पास जाना खतरों भरा हो सकता है। उनके अनुसार कोरोना संकट के चलते अभी तक साहसिक गतिविधियों की शर्तों के साथ ईजाजत है। उनके अनुसार लोगों को दरिया से दूर रहने को लेकर निर्देश भी दिए जा रहे हैं।