भाजपा चार्जशीट पर डेढ़ साल में प्रोगे्रस नहीं

अब तक एक भी एफआईआर नहीं कर पाया विजिलेंस, अधिकतर आरोपों में नहीं मिल रहे साक्ष्य

शिमला - भाजपा चार्जशीट में लगे पूर्व की वीरभद्र सिंह सरकार पर आरोपों की जांच कर रही स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो का हाथ डेढ़ साल से खाली है। दिसंबर 2017 में सत्ता परिवर्तन होते ही जयराम सरकार ने चार्जशीट में लगे आरोपों की जांच के लिए विजिलेंस को जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन आज तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। जांच के शुरुआती दौर में विजिलेंस ने राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सरकारी बैंक, बीवरेजिज कारपोरेशन, आईजीएमसी के लिए सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन गैस, जेएनएनयूआरएम बस खरीद, कंडक्टर भर्ती सहित कई आरोपों की जांच विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी, लेकिन 545 दिन बीतने पर भी किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अधिकांश केस में विजिलेंस को साक्ष्य ही नहीं मिल रहे हैं, जिस कारण जांच एजेंसी को बड़ी सफलता नहीं मिली। भाजपा चार्जशीट की जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने विजिलेंस को सख्त निर्देश दिए हैं।  खास कर हिमाचल प्रदेश बीवरेजिज कारपोरेशन के मामलों की विजिलेंस जांच तेज करने को कहा है। इस मामले में विजिलेंस की प्रांरभिक छानबीन बीते करीब एक साल से चली हुई है।  ऐसे में जांच एजेंसी प्रांरभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जल्द ही रिपोर्ट सरकार को भेजेगी। गौरतलब है कि पूर्व की वीरभद्र सिंह सरकार के समय प्रदेश में शराब वितरण पर सरकारी नियंत्रण के लिए बीवरेजिज लिमिटेड कारपोरेशन का गठन किया गया था। इस दौरान कुछ अधिकारियों ने इसके गठन का विरोध भी किया,  जबकि कुछ ने सरकार के कारपोरेशन बनाने के फैसले का समर्थन किया। इसके बाद मंत्रिमंडल ने कारपोरेशन के गठन को मंजूरी दे दी। सूत्रों के मुताबिक  कुछ अधिकारियों ने फाइल पर भी कारपोरेशन न बनाने के लिए लिखा था।   बावजूद इस सलाह को नजरअंदाज किया गया। भाजपा ने अपनी चार्जशीट में यह मामला प्रमुखता से उठाया था। अब ये देखना है कि अब विजिलेंस आगे क्या कार्रवाई करती है।

खुल सकती है पूर्व मंत्री अनिल शर्र्मा की फाइल

भाजपा चार्जशीट में पूर्व मंत्री अनिल शर्मा पर लगे आरोपों की फाइल भी खुल सकती है। हालांकि॒ 18 महीने से अनिल शर्मा पर लगे आरोप पूरी तरह से बंद हो गए थे, लेकिन वर्तमान की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए चुनावी नतीजे के साथ ही जांच खुल सकती है। पूर्व मंत्री अनिल शर्मा जयराम सरकार ने मंत्री पद पर रहते विजिलेंस ने भी उन पर लगे आरोपों की जांच के लिए गृह विभाग से मंजूरी नहीं मांगी।॒ भाजपा चार्जशीट में अनिल शर्मा पर पशुपालन विभाग और पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग में अनियमितताओं के आरोप हैं।

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