Thursday, December 12, 2019 03:06 PM

भारत में लूट का तरीका बदला…लूट नहीं

सोलन में बढ़ती जनसंख्या घटते संसाधन विषय पर कवि संगोष्ठी के दौरान बोले, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार

सोलन -भारत लूटने वालों का, भूखा भारत, सामान्य भारत व खुशहाल भारत आदि चार हिस्सों मे बंट गया है। आजादी के बाद भी भारत में लूट जारी है। भारत में लूट का तरीका बदल गया है, लेकिन लूट बंद नहीं हुई। दूसरा खुशहाल भारत, तीसरा सामान्य भारत व अंत में भूखा भारत भी है। चूंकि एक ओर तो भारत अमीर होता जा रहा है तो दूसरी ओर गरीब भी अधिक भारत ही है और भारत में 20 करोड़ लोग ऐसे है जो अभी भी पांच हजार रुपए महीना लेकर अपने परिवार को पाल रहे हैं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने सोलन में आयोजित बढ़ती जनसंख्या घटते संसाधन विषय पर कवि संगोष्ठी के दौरान कही। उन्होंने कहा कि खुशहाल भारत कब बनेगा। भारत की आर्थिक क्षमता भी सबसे अधिक है और कृषि प्रधान देश है, लेकिन किसान खुदखुशी क्यों कर रहा है। यह कैसे भारत का उदय होता जा रहा है। इन सबके पीछे कारण बढ़ती जनसंख्या है। उन्होंने कहा कि देश की आबादी नहीं घटती है तो बर्बादी निश्चित है। देश की आजादी के समय जनसंख्या 34 हजार थी पर आजादी के 72 वर्षों बाद इसका आंकड़ा कहां पहुंच गया है। साल में एक करोड़ 80 लाख जनसंख्या बढ़ रही है। 156 देश ऐसे हंै जिनकी जनसंख्या एक करोड़ से कम है, जबकि भारत में दो साल में ही उनके बराबर जनसंख्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि साधन ही नहीं घट रहे बल्कि गरीबी भी बढ़ रही है। दुनिया के 119 देश सबसे नीचे के देशों में भारत गरीबी में 103 वेें स्थान पर आता है। भारत पहले 97 पर था। विकास तो हो रहा है, लेकिन सामाजिक न्याय नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा की जनसंख्या बढ़ने से केवल संसाधन ही खत्म नहीं हो रहे हैं बल्कि हर चीज की कमी हो रही है। पिछले पांच सालों में अमीरी चमकती रही गरीबी सिसकती रही। कुपोषण से मरने वालों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है। धरती पर साफ जल बहुत कम रह गया है। 60 करोड़ लोग पानी की भयंकर समस्या झेल रहे हैं। हर वर्ष दो लाख लोग गंदे पानी से मर जाते हैं और व 70 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं है पर हिमाचल प्रदेश के पास पीने के पानी का अच्छा प्रबंध है। भारत में बढ़ती जनसंख्या के कारण युवा दबाव में है। हर वर्ष 80 लाख नए युवा नौकरी के लिए आते हैं और उनमें से केवल 40 लाख ही निकल पाते हंै बल्कि बचे 40 लाख बेरोजगार की श्रेणी में आते हंै। उत्तर प्रदेश में 1400 चपरासी के पद पर 25 लाख उम्मीदवार, जिनमें बीए, एमए और पीएचडी करने वाले युवा आवेदन पत्र भरते है। इस अवसर पर शांता कुमार की धर्मपत्नी संतोष शैलजा, दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, पूर्व सांसद प्रो. वीरेंद्र कश्यप, पूर्व मंत्री महेंद्र नाथ सोफत, पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रश्मिधर सूद, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, नगर परिषद सोलन के अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर, उपाध्यक्ष मीरा आनंद, पार्षगण, भाजपा प्रवक्ता एवं राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड की सदस्य रितु सेठी व भाजपा के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, सोलन के प्रख्यात समाजसेवी, अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में लोग इस अवसर पर उपस्थित रहे।