Monday, June 01, 2020 01:38 AM

भावुक कर देने वाली सचिन की वो सेंचुरी, 4 दिन पहले ही हुआ था पिता का निधन

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक पूरा करने का अविश्वसनीय रिकॉर्ड अपने नाम रखते हैं. वनडे इंटरनेशनल में सचिन के शतकों की लिस्ट पर नजर डालें, तो उनका 22वां शतक सबसे अलग था. 21 साल पहले आज ( 23 मई) ही उन्होंने ब्रिस्टल में भावुक कर देने वाला शतक जमाया था. दरअसल, इससे ठीक चार दिन पहले ही सचिन के पिता का निधन हो गया था. क्रिकेट को लेकर सचिन का समर्पण उन्हें महान बनाता है. 1999 के वर्ल्ड कप के दौरान भारत अपना पहला मैच साउथ अफ्रीका से हार चुका था. अगला मैच जिम्बाब्वे से था. उस वक्त वह एक अच्छी टीम थी. लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले ही एक बुरी खबर आ गई. सचिन के पिता रमेश तेंदुलकर का निधन हो गया... भारतीय टीम और प्रशंसक स्तब्ध थे. उन्हें पिता की अंत्येष्टि के लिए भारत लौटना पड़ा. सचिन की मजबूरी से हर कोई वाकिफ था. जिम्बाब्वे के खिलाफ वर्ल्ड कप का वह मैच सचिन के बिना खेलाना पड़ा. भारतीय टीम तीन रनों से वह मैच हार गई. इस मैच में निश्चित तौर पर सचिन की कमी खली थी. लगातार दो मैच हारने से टीम इंडिया पर वर्ल्ड कप से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था. इसके बाद अगला मैच केन्या से था. सचिन के बिना टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड कप में राह और कठिन थी. पिता का अंतिम संस्कार कर वो सीधे केन्या के खिलाफ मैच खेलने पहुंच गए. सचिन ने ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर 101 गेंदों पर नाबाद 140 रन ठोक दिए. उनकी धमाकेदार पारी की बदौलत भारत ने 329/2 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया.शतक पूरा करने पर सचिन ने आसमान की ओर बल्ला उठाया और अपने पिता को याद किया. रोते हुए दिल से देश के लिए सचिन ने वो योगदान दिया था. केन्या की टीम निर्धारित ओवरों में 235/7 रन ही बना पाई और भारत ने 94 रनों से जीत हासिल की थी. सचिन 'मैन ऑफ द मैच' रहे थे. भारत ने इंग्लैंड-वेल्स में खेले गए उस वर्ल्ड कप के सुपर सिक्स में जगह बनाई, हालांकि इसके बाद भारतीय टीम पिछड़ गई.