Tuesday, July 16, 2019 09:50 PM

भूकंप से हिला हिमाचल

शिमला - हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) ने गुरुवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से भूकंप मैगा-मॉक का अभ्यास किया। इस अभ्यास के लिए यह परिदृश्य बनाया गया कि प्रदेश में रात के समय रिक्टर पैमाने पर आठ मैग्नीच्यूड का भूकंप आया है, जिसका केंद्र मंडी जिला का सुंदरनगर होगा। प्रधान सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन ओंकार शर्मा ने कहा कि भूकंप को इसलिए चुना गया, क्योंकि राज्य भूकंप के जोन चार और जोन पांच के अंतर्गत आता है तथा इस कारण राज्य के लिए यह प्रमुख खतरा है। उन्होंने कहा कि इस परिदृश्य का विकास एनडीएमए, आईआईटी मुंबई और मद्रास के तकनीकी सहयोग से किया गया।  उन्होंने कहा कि 10 जुलाई को टेबल टॉप अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें सेना, वायुसेना,  बीआरओ, एसएसबी, आईटीबीपी,  सीआईएसएफ और एनडीआरएफ, के लगभग 460 अधिकारियों ने भाग लिया। अभ्यास प्रातः 8ः30 बजे ट्रिगर किया गया और राज्य एवं जिला आपातकाल अभियान केंद्रों को तुरंत सक्रिय किया गया और इंसिडेंट रिस्पांस टीमें अपने-अपने ईओसीज पर पहुंची। ओंकार शर्मा ने कहा कि जिलावार परिस्थितियां एसडीएमए द्वारा दी गई और जिलों को 112 घटना स्थल दिए गए थे और इस अभ्यास में 2650 अधिकारियों के साथ 32 गैर सरकारी संगठनों के 833 स्वयं सेवकों ने भाग लिया। वरिष्ठ परमर्शदाता, राष्ट्रीय प्राधिकरण (एनडीआरएफ), मेजर जनरल (सेवानिवृत) वीके नाइक ने इस विशाल अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों, एसइओसी और डीइओसी की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया तथा पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा प्रयोग में लाए गए संचार नेटवर्क की कंपैटिबिल्टि की भी जांच की।  निदेशक व विशेष सचिव राजस्व व आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने कहा कि एसडीएमए द्वारा राज्य में आपदा प्रबंधन के लिए उपकरण व विशेष औजार खरीदने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। उधर, इस अभ्यास के दौरान हैलीकॉप्टर उडान भरने के लिए तैयार था लेकिन खराब मौसम के चलते नहीं उड़ सका।पुलिस अभ्यास के महानिरीक्षक हिमांशु मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने धर्मशाला, मंडी और शिमला में तीन मोबाइल संचार वैन उलब्ध करवाई हैं, जिनमें संचालक के साथ सेटेलाइट फोन, वायरलैस संचार और वीएचएफ भी उपलब्ध है। बाद में डी-ब्रीफिंग भी की गई जिसमें ओंकार शर्मा, वी.के नायक, सेना और अर्धसेना बल के अफसरों ने उपायुक्तों से विडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा बातचीत की। सेना द्वारा जिला शिमला में जतोग इन्फेंटरी बटालियन से 11 कॉलम और सात निरीक्षक उपलब्ध करवाए गए। इस अभ्यास के दौरान बीआरओ व वायुसेना के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। अस्पतालों की तत्परता का निरीक्षण करने के लिए सेना के स्वास्थ्य अधिकारी भी तैनात किए गए थे। आईटीबीपी द्वारा शिमला में दो कॉलम व कुल्लू और रिकांगपिओ में एक-एक टुकड़ी व काजा में एक प्लाटून तथा ऑब्जर्वर उपलब्ध कराए गए।