Monday, June 01, 2020 12:56 AM

मंडी में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना शुरू

मंडी - मंडी शहर में कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते बेरोजगार और आजीविका विहीन हुए परिवारों को आजीविका के संसाधनों से सीधे तौर पर जोड़ने हेतु नगर परिषद मंडी द्वारा मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना का शुभारंभ किया। यह फैसला गुरुवार को नगर परिषद की अध्यक्ष सुमन ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में लिया गया। इस योजना का सीधा लाभ उन रेहडी-फड़ी धारकों, ऑटो चालकों, दिहाड़ीदारों व मजदूरों को मिलेगा जो लॉकडाउन के चलते अपने काम से महरूम हो गए हैं। इस योजना के अंतर्गत वे सभी व्यक्ति जो अकुशल कार्यों को कर सकते हैं, वे अपना प्रार्थना पत्र नगर परिषद कार्यालय में देंगे और पंजीकृत होने के सात दिन के भीतर उन्हें रोजगार कार्ड मुहैया करवा दिया जाएगा तथा पंजीकृत होने के 15 दिन के अंदर अगर इन व्यक्तियों को काम नहीं दिया जाता है तो इस स्थिति में प्रतिदिन 75 रुपए नगर परिषद द्वारा इन व्यक्तियों को प्रदान किए जाएंगे। इस योजना के तहत रोजगार मुहैया करवाने हेतु शुक्रवार से नगर परिषद द्वारा प्रार्थना पत्र लेने शुरू किए जाएंगे, जो लोग इस योजना के तहत रोजगार पाना चाहते हैं तो वे शुक्रवार से नगर परिषद कार्यालय में अपना प्रार्थना पत्र जमा करवा सकते हैं। शहर में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के यूजर चार्जेज इकट्ठा करने का कार्य अब स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करवाया जाएगा, जिन्हें उचित मानदेय भी दिया जाएगा। उधर, सुमन ठाकुर, अध्यक्ष नगर परिषद मंडी ने कहा कि मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना के तहत रोजगार हेतु बेरोजगारों को पंजीकरण के सात दिन के भीतर रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। कोरोना वायरस के चलते नप की दुकानों व रेहड़ी-फड़ी धारकों को किराया माफ करने सहित आईआरडीपी  परिवार जो गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके हैं, को स्वेच्छा से सुविधा छोड़ने पर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

स्वेच्छा से सुविधा छोड़ने पर परिवार होंगे सम्मानित

शहर में आईआरडीपी के अंतर्गत ऐसे चयनित परिवार हैं, जो अब गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके हैं या किसी रोजगार में लग चुके हैं वे स्वेच्छा से आईआरडीपी की सुविधा छोड़ दें। अगर ऐसे परिवार स्वयं छोड़ देंगे तो नगर परिषद उन्हें सम्मानित करेगी अन्यथा बाद में नगर परिषद द्वारा गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके  परिवारों के खिलाफ स्वयं कार्रवाई करनी पड़ेगी।

कारोबारियों का किराया माफ करने को भेजा प्रस्ताव

कोरोना महामारी के कारण दो महीने तक दुकानें व रेहड़ी-फड़ी धारकों का कारोबार बंद रहा, जिसके चलते नगर परिषद ने अपनी दुकानों व रेहड़ी-फड़ी वालों से दो महीने का किराया माफ किए जाने का प्रस्ताव पास कर सरकार को अनुमति हेतु  भेजा जाएगा।