Saturday, July 04, 2020 05:50 PM

मंत्री जी! हम अपराधी नहीं

जेल भेजने वाले बयान पर निजी स्कूल एसोसिएशन का कड़ा रुख

नेरचौक -प्रदेश सरकार द्वारा निजी स्कूलों से फ ीस न लिए जाने के वक्तवय पर  हिमाचल प्रदेश निजी स्कूल एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है।   प्रदेश उपाध्यक्ष डा केपी शर्मा ने समाचार पत्रों में प्रकाशित शिक्षा मंत्री के उस वक्तव्य का कड़ा विरोध जताया है। जिसमे उन्होंने निजी स्कूल संचालकों को जेल भेजने की धमकी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शिक्षा मंत्री को अपने वक्तव्य को वापिस लेने को कहें क्योंकि निजी स्कूल संचालक कोई अपराधी नहीं हैं। जिन्हें जेल भेजने को एक शिक्षा मंत्री बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल हमेशा से सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते आए हैं और मौजूदा समय में भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को निजी स्कूलों की स्थिति को समझना चाहिए। कुछ गिने चुने स्कूलों की कार्यप्रणाली से पूरे प्रदेश के स्कूलों को नहीं जोड़ा जा सकता है। वहीं इस कोरोन  वैश्विक महामारी में निजी स्कूल शिक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे छात्रों का ये भी पता नहीं है उनमें से कौन स्कूल में दाखिला लेगा, वाबजूद इसके बिना किसी भेदभाव के सभी को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। इतना सब कुछ करने के बाबजूद सरकार का निजी स्कूलों के प्रति नाकारत्मक रवैया समझ से परे है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्कूल की गाडि़यों की लोन की किश्तें, उनके टैक्स, स्कूल भवनों के किराए, बिजली बिल, पानी बिल, लैब, लाइब्रेरी के खर्चे व अन्य प्रकार के खर्चे स्कूल संचालक कहां से पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को लगता है कि 500 से 2000 तक फ ीस लेकर निजी स्कूल अभिभावकों को लूट रहे है तो सरकार प्रदेश के सभी स्कूलों का अधिग्रहण कर सकती है, जिसके लिए वह तैयार हैं बशर्ते उन्हें व स्कूल में तैनात अध्यापकों को भी सरकारी नॉकरी प्रदान की जाए।