Saturday, November 17, 2018 12:04 AM

मंदिर की नगरी मथुरा

भ्रादपद के रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इस बार कृष्ण जन्माष्टमी 2 सितंबर यानी रविवार को है। मथुरा-वृंदावन के बारे में कहा जाता है कि यहां कहीं से भी एक पत्थर उछालो, तो वो किसी न किसी मंदिर पर ही गिरता है। इसलिए इस धाम को मंदिरों की नगरी भी कहा जाता है, साथ ही यहां हर मंदिर का भगवान कृष्ण से नाता भी है। आइए जानते हैं मथुरा-वृंदावन के इन मंदिरों से भगवान कृष्ण का क्या नाता है।

कृष्ण जन्मभूमि- जैसा कि आपको नाम से ही पता चल रहा है कि भगवान कृष्ण का यहां कारागार में जन्म हुआ था। कृष्ण जन्मभूमि की जन्माष्टमी विश्व प्रसिद्ध है। यह मंदिर मथुरा के बीचोंबीच स्थित है।

द्वारकाधीश मंदिर- द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण सन् 1814 में किया गया। यहां आपको भगवान कृष्ण और इनसे जुड़ी घटनाएं कलाकृतियों के द्वारा बखान करती हुई मिलेंगी। जन्माष्टमी के दौरान यहां बहुत भारी भीड़ होती है।

निधिवन- रहस्यों से भरा हुआ है निधिवन। मान्यता है कि यहां आज भी कान्हा गोपियों के साथ रास रचाने आते हैं। शाम होते ही मंदिर में विशेष तैयारियां की जाती हैं। यहां तक कि पक्षी और जानवर भी शाम को इस वन से चले जाते हैं।

बांके बिहारी मंदिर-  इस मंदिर के बिना वृंदावन की यात्रा पूरी नहीं होती है। यहां होने वाले शृंगार के दर्शन करने लाखों भक्त आते हैं। जन्माष्टमी से एक सप्ताह पहले ही मंदिर में तैयारियां शुरू हो जाती हैं।

राधा रमण मंदिर- यह काफी प्राचीन और भव्य मंदिर है, इसकी सुंदरता देखते ही बनती है बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना सन् 1542 में की गई थी।  यहां भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी शालिग्राम के रूप में स्थापित हैं।