Friday, September 20, 2019 01:12 AM

मणिमहेश यात्रा… शुरू नहीं हुई उड़ान

डीजीसीए व रक्षा मंत्रालय की अनुमति न मिलने से तय शेड्यूल में आरंभ नहीं हो पाई हवाई सेवा

भरमौर -मणिमहेश यात्रा की हेलिटैक्सी सेवा मंगलवार को तय शेड्यूल के तहत आरंभ नहीं हो पाई है। डीजीसीए व रक्षा मंत्रालय की अनुमति न मिलना इसकी वजह बताई गई है। हालांकि मंगलवार को डॉयरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन की टीम मौके का दौरा करके लौट गई, मगर टीम ने अभी तक हवाई उडानें आरंभ करने की अनुमति प्रदान नहीं की है। इसके अलावा हवाई उड़ानों के लिए रक्षा मंत्रालय की अनुमति भी जरूरी है। अहम है कि हेलिटैक्सी सेवा के लिए डीजीसीए की परमिशन अनिवार्य रहती है और इस परमिशन को हासिल करने की जिम्मेदारी भी हलिटैक्सी सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों पर रहती है। मणिमहेश यात्रा के दौरान अब 22 अगस्त से हलिटैक्सी  सेवा आरंभ होने की उम्मीद जताई गई है। उल्लेखनीय है कि मणिमहेश न्यास की ओर से आयोजित की गई टेंडर प्रक्रिया के तहत बीस अगस्त से भरमौर से गौरीकुंड के लिए हवाई उडानें आरंभ की जानी थी। इस मर्तबा यूटी एयर और ट्रांस भारत को यात्रा में हेली टेक्सी सेवा प्रदान करने का जिम्मा सौंपा गया है। भरमौर से गौरीकुंड के लिए 2750 रुपए किराया एक तरफ  का तय किया गया है, जबकि आने-जाने के लिए प्रति यात्री 5500 रुपए की अदायगी करनी होगी। 90 किलोग्राम से अधिक भार होने की स्थिति में यात्री को दो सौ रुपए अतिरिक्त किराए का भुगतान करना पड़ेगा।  उधर, एडीएम भरमौर पीपी सिंह का कहना है कि मंगलवार को डीजीसीए की टीम मौके का दौरा कर गई है। अलबता अब डीजीसीए टीम के अनुमति प्रदान करने के बाद ही भरमौर से गौरीकुंड के लिए हवाई उडानें हो पाएगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा मद्देनजर हेलिटैक्सी  सेवा प्रदत्त कंपनियों को डीजीसीए व रक्षा मंत्रालय की अनुमति न मिलने तक हवाई उड़ानें न करने की हिदायत दी गई है।