Sunday, September 22, 2019 07:26 AM

मनाली में 2219 करोड़ के एमओयू

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने निवेशकों के साथ 93 समझौता ज्ञापनों पर किए हस्ताक्षर

मनाली -हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में आयोजित मिनी कनक्लेव के दौरान बुधवार को 2219 करोड़ रुपए के निवेश के लिए 93 समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किए गए, जिनमें से 1500 करोड़ रुपए के 63 एमओयू केवल पर्यटन क्षेत्र के लिए किए गए हैं। यह मिनी कनक्लेव धर्मशाला में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट को सफल बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मिनी कनक्लेव की अध्यक्षता की, जिसमें हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों के उद्यमियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जर्मनी, नीदरलैंड और यूएई में तीन अंतरराष्ट्रीय रोड शो और दिल्ली, बंगलूर, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद और चंडीगढ़ में छह घरेलू रोड शो आयोजित किए हैं। इन सभी रोड शो के दौरान व्यापारिक समुदाय ने हिमाचल में निवेश करने में अपनी विशेष रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया है और यह प्रदेश प्रक्रियाओं में सुधार लाने में फास्ट मूवर श्रेणी वाले राज्यों में सम्मिलित हो गया है। एकल खिड़की अनुश्रवण और स्वीकृति प्राधिकरण निवेशकों को दक्षपूर्ण, पारदर्शी, समयबद्ध सेवाएं और उत्तरदायी प्रशासन उपलब्ध करवाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। उनकी सरकार दीर्घकालिक पर्यटन को प्रदेश की आर्थिकी का प्रमुख स्रोत बनाने और प्रदेश को वैश्विक दीर्घकालिक पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए कृत संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल का आरंभ होने के साथ ही उन्होंने लोग कल्याण के लिए अनेक पग उठाने का निर्णय लिया, जिनमें से ग्लोबल इन्वेस्टर मीट का आयोजन भी एक है। प्रदूषणमुक्त वातावरण, निवेशक अनुकूल नीतियां और उत्तरदायी प्रशासन हिमाचल प्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक प्रदेश सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में 41000 करोड़ रुपए के 419 एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत एवं गतिशील नेतृत्व में देश की तीव्र प्रगति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि मनाली में आयोजित मिनी कनक्लेव का उद्देश्य राज्य के उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं का अनुश्रवण और उनका निपटारा सुनिश्चित करना है, ताकि वे ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य के उद्यमियों के सहयोग के बिना बाहरी राज्यों से आने वाले निवेशक राज्य में निवेश नहीं कर सकते। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट में भाग लेने और राज्य की प्रगति में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विचार कर रही है।