Friday, February 21, 2020 12:26 PM

मलबे में फंसीं सवारियां

मसियाणा-धनेड़ सड़क पर सुबह-सवेरे बरपा कुदरत का कहर

धनेड़ -सोमवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस बेरहम बारिश से कई जगह भू-स्खलन होने से सुबह के समय ड्यूटी पर जाने वाले व स्कूली बच्चे फंस गए। मसियाणा से धनेड़ सड़क पर हुए भू-स्खलन में एक निजी बस मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई, लेकिन बस से नीचे उतरी दो सवारियां पवन व रजनीश के साथ बस मालिक राजेश कुमार मलबे की चपेट में आ गए। पवन कुमार तो कमर तक मलबे में फंस गए, जिन्हें लोगों ने कड़ी मशक्कत से बाद मलबे से खींच कर बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि पहाड़ी से और मलबा नहीं आया, नहीं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पवन कुमार व रजनीश को मामूली चोटंे आई हंै। सड़क पर मलबा गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई और दो निजी बसें बीच में फंस गई। यह खौफ नाक मंजर देख लोग बारिश में पैदल ही अपने घरों को चले गए। सड़क मार्ग बंद होने से लोग जैसे ही शार्टकट रास्तांे से निकलने लगे, तो कुणाह खड्ड ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया। खड्ड का पानी खेतांे तक पहुंच गया। सड़क किनारे खड़ा एक टैम्पो भी भू-स्खलन की चपेट में आ गया और मलबे के साथ खेतों में जा पहुंचा, जिस से वाहन मालिक का काफी नुकसान हो गया। दूसरी तरफ  फंसे स्कूली बच्चों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला और सुरक्षित घर पहंुचाया गया। हालांकि विभाग की जेबीसी मौके पर पहुंच कर सड़क बहाली को जुट गई है। सोमवार सुबह हुए बारिश के तांडव को देखकर अभिभावकों में रोष है कि स्कूलों की छुट्टियों का टाइम क्यों नहीं बदला गया। उनका कहना था कि पिछले कुछ वर्षों से बरसात जुलाई मंे न होकर अगस्त माह मंे अपना रौद्र रूप धारण कर रही है। इस कारण अब बच्चांे को काफी दिक्कतांे का सामना करना पड़ रहा है।