Monday, December 16, 2019 05:58 AM

मशोबरा-भेखल्टी से चलेंगी ठियोग को पिकअप

शिमला -शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ऊपरी शिमला के क्षेत्रों से जारी सेब ढुलाई और छैला-शिमला सड़क पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए छैला.सोलन सड़क भी सभी प्रकार के यातायात के लिए खोल दिया गया है। मंगलवार को यहां विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने छैला-सोलन सड़क का स्वयं जायजा लिया और इसे बड़े वाहनों के उपयोग के लिए उपयुक्त पाया है। इसके बाद इस सड़क मार्ग को बड़े वाहनों के लिए भी इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला से ठियोग की ओर जाने वाले खाली पिकअप वाहनों को अब वाया मशोबरा-भेखल्टी भेजा जाएगा। ढली चौक से भट्टाकुफर सड़क के किनारे किसी भी वाहन को खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। भट्टाकुफर मण्डी जाने वाली सेब की गाडि़यों को पुलिस कर्मचारियों द्वारा छराबड़ा तथा कोटी में टोकन प्रदान किए जाएंगे और केवल टोकन वाले वाहनों को ही भट्टाकुफर मंडी में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त भट्टाकुफर मंडी में सेब की नीलामी के उपरांत संबंधित वाहनों को खड़े करने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण को भट्टाकुफर मंडी क्षेत्र में वाहनों की उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर पुराने बैरियर के समीप सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए निर्माण सामग्री तुरंत हटाने और तारादेवी.शोघी सड़क के दोनों ओर खड़े वाहनों को हटाने के लिए भी राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री ने ढली-ठियोग क्षेत्र के मोटर मैकेनिकों के संपर्क नंबर पुलिस एवं अन्य नियंत्रण कक्षों के सूचना पट्ट पर अंकित करने के निर्देश दिए ताकि सेब से लदे खराब ट्रकों व अन्य वाहनो को मरम्मत करवाने की सुविधा जल्द उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ठियोग के निकट रईघाट सड़क की तुरन्त मुरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभाग को छैला-हसल वैली सड़क किनारे खड़े सेबों से लदे ट्रकों के खराब होने की स्थिति में पर्याप्त व्यवस्था कर जल्द हटाने के निर्देश दिए। सुरेश भरद्वाज ने एपीएमसी अध्यक्ष को निर्देश दिए कि केटीसी कंपनी जैसी बड़ी कंपनियों के सेब ट्रकों को भट्टाकुफर मंडी न ले जाकर सीधे मल्याणा स्थित गोदामों में ले जाना सुनिश्चित करें।