महत्त्वपूर्ण हो गई है ई-लाइब्रेरी

लाइब्रेरी साइंस में करियर संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने दीपक  शर्मा से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश...

दीपक शर्मा, डिप्टी लाइब्रेरियन, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला

करियर के रूप में लाइब्रेरी साइंस में क्या स्कोप है?

एक व्यवसाय के रूप में पुस्तकालय अध्यक्षता (लाइब्रेरियनशिप) आज के समय में रोजगार के विभिन्न अवसर प्रदान करती है। पुस्तकालय तथा सूचना विज्ञान में आज के दौर में करियर की अनेक संभावनाएं है। इसके तहत रोजगार के इच्छुक लोगों को विभिन्न पुस्तकालयों और सूचना केंद्रों में रोजगार मिल सकता है। प्रशिक्षित लाइब्रेरियन अध्यापक तथा लाइब्रेरियन दोनों के रूप में रोजगार के अवसर तलाश कर सकते हैं।

लाइब्रेरी साइंस में करियर बनाने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और विशेष कोर्स कौन से हैं?

लाइब्रेरी साइंस में करियर बनाने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता जमा दो रहती है, जिसके बाद लाइब्रेरी साइंस में 6 महीने के सर्टिफिकेट कोर्स के साथ डिप्लोमा कोर्स भी किया जा सकता है। इन कोर्सों में प्रवेश एंटें्रस टेस्ट के आधार पर मिलता है।  रजिस्ट्रेशन के बाद बी.लिब का एक वर्षीय कोर्स ज्यादातर यूनिवर्सिटी में करवाया जा रहा है।  लाइबे्ररी साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट कार्सेज भी करवाए जा रहे हैं, जिसे करने के बाद इसी फील्ड में एमफिल या पीएचडी भी की जा सकती है।

रोजगार किन क्षेत्रों में उपलब्ध हैं?

लाइब्रेरी साइंस कोर्स करने के बाद लाइब्रेरी अटेंडेंट, पुस्तकालय परिचारक, जूनियर लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन, लाइब्रेरियन पद सहित निजी व सरकारी लाइब्रेरी शिक्षण संस्थानों, समाचार पत्रों, न्यूज एजेंसियों, विदेशी दूतावासों और फोटो व फिल्म लाइब्रेरी में ढेरों अवसर हैं।

रोजगार मिलने पर आरंभिक आय कितनी होती है?

सरकारी तथा निजी संस्थानों में पुस्तकालय विज्ञान में प्रशिक्षित उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के तहत 10 से 25 हजार से अधिक वेतन प्राप्त

होता है।

कम्प्यूटर युग में लाइब्रेरी का रोल कितना बदला है?

आज के दौर में सूचना तैयार करने से लेकर उनका भंडारण कर उनमें सुधार करने और उसके प्रचार-प्रसार करने के लिए पुस्तकालय में अब कम्प्यूटर तथा सूचना प्रौद्योगिक का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। कम्प्यूटर के उपयोग से लाइब्रेरी में विभिन्न सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर किसी भी ऑथर की किताब आसानी से सर्च की जा सकती है। इसके साथ ही ई-लाइब्रेरी का स्वरूप भी बेहद महत्त्वपूर्ण हो गया है।

इस क्षेत्र में युवाओं को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

जहां तक बात की जाए हिमाचल में लाइब्रेरी साइंस विषय में करियर बनाने वाले युवाओं की तो उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यही है कि हिमाचल में कहीं भी लाइब्रेरी साइंस कोर्स की पढ़ाई नहीं करवाई जा रही है, जिसके चलते इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले हिमाचली युवाओें को बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ रहा है।

लाइब्रेरी साइंस में करियर बनाने वाले युवाओं को कोई संदेश?

इस विषय में करियर बनाने वाले युवाओं को यही संदेश है कि वे अपने कार्य को सकारात्मक ऊर्जा से करें। इस कार्य को करने में किसी भी तरह का नेगेटिव थॉट उन्हें उनके कार्य से भटका सकता है। यह कार्य छात्रों के हित के लिए किया जाता है। इसके लिए जितना हो सके छात्रों की मदद कर अपने कार्य को आत्मसात करें।

देश के प्रमुख संस्थानों बारे बताएं जहां इससे संबद्ध पाठ्यक्रम चलते हैं?

लाइब्रेरी साइंस में विभिन्न कोर्स करवाने वाले संस्थानों में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी, उत्तर प्रदेश, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय, मुंबई विश्वविद्यालय, शिवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर और बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फर नगर, बिहार शामिल है।

— प्रतिमा चौहान, शिमला

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