Tuesday, October 15, 2019 10:26 AM

महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ा महासैलाब

भाद्रपद माह के अंतिम शनिवार को सवा लाख शिव भक्तों ने शनिदेव के दर्शन कर मांगी परिवार की सुख-समृद्धि

बैजनाथ-विख्यात महाकालेश्वर मंदिर महाकाल में भाद्रपद माह के अंतिम  शनिवार को भोलेनाथ के भक्तों का आंकड़ा सवा लाख को पार कर गया। भक्तों की भारी भीड़ ने पिछले चार शनिवार मेलों के भीड़ के  रिकार्ड अंतिम शनिवार को तोड़ डाले। शिव भक्तों के आगमन का यह हाल था कि सुबह तीन बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद ही मंदिर परिसर में लंबी लाइनों का लगना शुरू हो गया। जो रात दस बजे के बाद भी जारी रहा। भक्तों की लाइनें धीरे-धीरे मंदिर के मुख्य गेट से होती हुई साथ बने पुल को पार कर गई। भक्तों ने भोलेनाथ के   दर्शन कर दुर्गा मां, शनिदेव की पूजा-अर्चना कर शनि शिला पर क्विंटलों के हिसाब से तेल, माह, तिल और काले वस्त्र अर्पित कर शनिदशों का निवारण  किया। शुक्रवार रात को ही प्रदेश व बाहरी राज्यों से भोलेनाथ के भक्तों का आगमन शुरू हो गया। रात्रि को मंदिर परिसर में भोलेनाथ, मां का भजनों के माध्यम से खूब गुणगान किया गया। इस मौके पर सैकड़ों भक्त मौजूद रहे। भक्तों ने महाकाल मंदिर परिसर में ही रात गुजार कर भोलेनाथ का गुणगान कर सुबह तीन बजे मंदिर के कपाट खुलते ही अपने आराध्य देव के दर्शन कर पुण्य प्राप्ति की। इस मंदिर में  हिमाचल ही नहीं अपितु देश के अन्य राज्यों से भी लोग माथा टेकने  पहुंचे हैं। शनिवार को हजारों भक्तों ने यहां लगे भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रशासन द्वारा भी भक्तों की सुविधा के लिए पुख्ता प्रबंध कर रखे थे। वैसे भी भाद्रपद माह में बाबा महाकाल जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना करने से अनेक कष्ट दूर होते हैं साथ में इस माह सच्चे मन से शनिदेव को तेल, माह की दाल, तिल और काले वस्त्र अर्पण करने से शनिदशों का निवारण  होता है। इस मौके पर प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए थे। कृष्णानगर स्कूल के एनएसएस के बच्चों ने कड़कती धूप में लाइनों में लगे लोगों को पानी पिलाया। प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से व्यवस्थित करने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। इस मौके पर मंदिर के सभी ट्रस्टियों, पूर्व ट्रस्टियों ने पूरा दिन निःस्वार्थ भाव से सेवा की। इस मौके पर एसडीएम छबि नांटा मंदिर अधिकारी व राजस्व विभाग के कर्मी, पुलिस बल मौजूद रहा। इसी के साथ देर रात मंदिर में मुख्य पुजारी रामजी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर शनिदव का जलाभिषेक किया। बाद में मंदिर परिसर में 1008 दीप प्रज्वलित करने के साथ ही भाद्र पद माह के शनिवार मेलों का समापन हो गया।