Saturday, September 21, 2019 04:25 PM

महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर किया मंथन

अर्की -राजकीय महाविद्यालय अर्की के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या रीता शर्मा द्वारा की गई। इस संगोष्ठी में प्राध्यापकों एवं छात्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया व पत्र वाचन किया। प्रकोष्ठ के समन्वयक डा. कुंवर दिनेश सिंह ने बताया कि इस संगोष्ठी में पूर्व आईएएस अधिकारी केआर भारती और गिरिराज व हिमप्रस्थ के वरिष्ठ संपादक विनोद भारद्वाज प्रमुख स्त्रोत वक्ता रहे। इस अवसर पर वर्तमान में महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर मंथन किया गया। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला तथा अन्य क्षेत्रों में गांधी के आगमन का प्रदेश में राजनीतिक चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांति को किस प्रकार बल मिला इस विषय पर चर्चा की गई। अर्की महाविद्यालय के प्राध्यापक डा. दलीप शर्मा, डा. सुनील चौहान, कुमारी पूनम, प्रो. शिव कुमार, डा. पूजा कश्यप, डा. यशवंत शांडिल, डा. कामिनी शर्मा, डा. अरुण आर्य, प्रो. कैलाश चौहान, डा. दीपक शर्मा, डा. सुशील कुमार तथा पुस्तकाध्यक्ष अरुण बाला ने संगोष्ठी में अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित करवाई। अंग्रेजी के प्राध्यापक तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डा. कुंवर दिनेश सिंह ने मंच संचालन किया और महात्मा गांधी विषयक कविताओं का पाठ भी किया। हिमप्रस्थ  पत्रिका के वरिष्ठ समन्वयक विनोद भारद्वाज ने हिमप्रस्थ में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर पत्रिका का विशेषांक महाविद्यालय के पुस्तकालय को भेंट दिया। पूर्व भारतीय प्रशासनिक अधिकारी केआर भारती ने गांधी के शिमला दौरों पर विस्तृत जानकारी दी।