Thursday, July 16, 2020 10:10 PM

महाराष्ट्र-गुजरात से 1125 हिमाचलियों की वापसी

ठाणे से स्पेशल ट्रेन में पठानकोट रेलवे स्टेशन पहुंचे 11 जिलों के 580 लोग, थर्मल स्कैनिंग के बाद क्वारंटाइन सेंटर के लिए रवाना

नूरपुर - कोरोना महामारी के साए में अपने परिजनों से दूर रहकर बंद कमरों में ज़िंदगी जीने को मजबूर और अपनों से मिलने को बेताब लोगों की खुशी का उस समय कोई ठिकाना नहीं रहा, जब प्रदेश सरकार के प्रयासों से रविवार को प्रदेश के 11 जिलों के 580 यात्रियों का घर पहुंचने का सपना पठानकोट पहुंचते ही साकार हुआ। लॉकडाउन के कारण बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को लेकर आज एक और विशेष ट्रेन सुबह 5ः40 बजे ठाणे, महाराष्ट्र से पठानकोट के चक्की बैंक स्टेशन पर पहुंची। किन्ही कारणों से ट्रेन पांच घंटे देरी से पठानकोट पहुंची। स्टेशन से बाहर निकलकर यात्रियों के चेहरों पर न तो सफर की कोई थकान और न ही किसी बीमारी का डर दूर-दूर तक नजर आ रहा था। थी तो बस घर पहुंचने की खुशी। स्टेशन पहुंचने पर एडीएम डा. एमआर भारद्वाज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, एसडीएम डा. सुरेंद्र ठाकुर, डीएसपी डा. साहिल अरोड़ा, नायब तहसीलदार देसराज ठाकुर सहित अन्य जिलों से यात्रियों को लेने के लिए तैनात नोडल अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यह ट्रेन शुक्रवार को ठाणे से रवाना हुई थी। पुलिस तथा प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए बाहर लाने के विशेष प्रबंध किए थे। स्टेशन पहुंचने पर डा. अनुराधा शर्मा ने यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की। एडीएम डा. एमआर भारद्वाज ने बताया कि इन सभी लोगों को एचआरटीसी की 28 विशेष बसों से अपने-अपने जिलों में बनाए गए संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों के लिए रवाना किया गया। सभी यात्रियों के लिए प्रशासन ने फूड पैकेट्स, फ्रूट, जूस व पानी की विशेष व्यवस्था की गई थी। हमीरपुर जिला सैनिक कल्याण विभाग के ओएसडी अनुपम ठाकुर, मंडी के जिला उद्योग महाप्रबंधक ओपी जरयाल, एआरटीओ सतीश कुमार, सचिन कुमार, नोडल अधिकारी अजय कौंडल, रवि कुमार, सन्नी शर्मा, नरेश चौधरी, संजीव कुमार, दीपक गुप्ता, दौलत राम सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी भी  इस दौरान उपस्थित रहे।

किस जिला से कितने पहुंचे

ट्रेन से पहुंचे लोगों में कांगड़ा जिला के 245, हमीरपुर के 101, मंडी के 67, ऊना के 47, बिलासपुर के 34, चंबा के 26, शिमला के 20,  सोलन के 15 यात्रियों के अतिरिक्त सिरमौर के 16, जबकि कुल्लू जिला के छह और किन्नौर के तीन लोग शामिल हैं।

अप्रैल में हुआ था मां का देहांत, अब पहुंचे

मुंबई में डायमंड कंपनी में काम करने वाले हमीरपुर जिला के नादौन निवासी पत्नी निशा तथा बेटे ध्रुव व रियांश के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी माता का अप्रैल माह में देहांत हो गया था, परंतु लॉकडाउन के कारण अनुमति न मिलने की वजह से वे अपने घर नहीं पहुंच पाए थे, परंतु प्रदेश सरकार के प्रयासों से वे दुख की घड़ी में अपने परिजनों से अब जरूर मिल पाएंगे।

छोड़ दी थी घर आने की उम्मीद

ऊना जिला के निवासी राजेश सिंह पटियाल पत्नी मंजू व छह वर्षीय बेटे विहान सिंह व रुहान सिंह के साथ पठानकोट रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें कभी नहीं लगता था कि लॉकडाउन के बीच वे अपने घरों में वापस पहुंच पाएंगे। इसी ट्रेन में हमीरपुर जिला के यात्री विशाल पत्नी शिखा तथा एक वर्ष के बेटे कार्तिक के साथ पहुंचे, तो उन्होंने बताया कि हमारे परिवार ने अपने घर पहुंचने की उम्मीद ही छोड़ दी थी, परंतु सरकार के प्रयासों से उनका घर पहुंचने का सपना पूरा हुआ है। पूनम ठाकुर पति राजीव तथा बेटी स्वेता के साथ पहुंची। उन्होंने कहा कि जहां से वे लौटे हैं, वहां कोरोना का संक्रमण बहुत ज्यादा है। हमें कोरोना से न तो घबराना चाहिए और न ही ऐसे मरीजों व उनके परिवारों से कोई भेदभाव रखना चाहिए।