Wednesday, August 12, 2020 06:22 AM

महाराष्ट्र में लुटा लोकतंत्र

-राजीव पठानिया, संदवा

पिछले एक महीने से महाराष्ट्र में जो चल रहा था आज उसका पटाक्षेप हो गया। टेलीविजन चैनलों पर सभी पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर लोकतंत्र की हत्या के आरोप लगा रहे हैं। एक पार्टी दूसरी पार्टी पर उनके द्वारा पिछले समय पर ऐसी परिस्थितियों में उनके द्वारा किए गए निर्णयों को याद करवाकर अपने निर्णय को ठीक बता रही है। आज जरूरत है कि हम इस बात पर बहस करें कि इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों। मेरी भारत के सभी लोगों, विशेषकर बुद्धिजीवियों व विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों से अनुरोध है कि वे एक ऐसा माहौल बनाएं ताकि इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।