Saturday, September 21, 2019 04:23 PM

महिला हैंडबाल खिलाडि़याें ने मोरसिंघी में सीखी बारीकियां

कुठेड़ा। मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी के मैदान में चल रहे भारतीय महिला रेलवे हैंडबाल टीम का प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश हैंडबाल संघ के कोषाध्यक्ष आशीष ढिल्लो ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर ढिल्लो ने कहा कि भारतीय महिला रेलवे हैंडबाल टीम का प्रशिक्षण शिविर बिलासपुर की एक छोटी सी जगह पर लगना सौभाग्य की बात है। इसका सारा श्रेय सचिन चौधरी व स्नेहलता को जाता है। आज इनकी व इनके खिलाडि़यों की बदौलत पूरे भारत मंे मोरसिंघी का नाम है। मोरसिंघी में ये निःशुल्क अकादमी खोलकर स्नेहलता व सचिन ने गांव में नई दुनिया बसा दी है। होस्टल में जहां 32 लड़कियां रहती है, वहीं आसपास के गांव से 150 के करीब बच्चे यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने आते हैं। हिमाचल की कोई भी महिला टीम कहीं खेलने जाती है, तो उसमें अधिकतर खिलाड़ी यहां की होती हंै। मोरसिंघी हैंडबाल मैदान में जहां लड़कियां प्रशिक्षण लेती हैं, वहां लड़के भी खेल की बारीकियां सीखते हैं। समापन समारोह पर मुख्यातिथि आशीष ढिल्लो को मोरसिंघी पंचायत प्रधान जगदीश ठाकुर व केआर रतन आदि ने शॉल टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। हिमाचल प्रदेश हैंडबाल संघ के सीईओ डाक्टर प्रवेश शर्मा को भगत राम शर्मा, बीडी शर्मा ने शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर जगदीश ठाकुर, स्नेहलता, सचिन चौधरी, केआर रतन, भगत राम शर्मा, बीडी शर्मा, आईआर शर्मा, बाबू राम, शिव राम वर्मा, बाबूराम शर्मा व मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी तथा रेलवे के  खिलाड़ी मौजूद रहे।