Tuesday, August 20, 2019 12:57 PM

मांगें पूरी न कीं तो करेंगे प्रदर्शन

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीईईओ स्वारघाट को ज्ञापन सौंप दिया आठ दिन का अल्टीमेटम

स्वारघाट -खंड तथा जिला स्तरीय परिवेदना बैठकों में लिए गए निर्णयों को क्रियान्वित न किए जाने पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ भड़क गया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के स्वारघाट ब्लॉक के प्रधान अनिल कुमार शर्मा, महासचिव राजेश चंदेल, कोषाध्यक्ष सुखदेव शर्मा ने बीईईओ स्वारघाट को ज्ञापन सौंपकर अध्यापकों के लम्बित कार्यों तथा जायज अधिकारों को 20 अगस्त से पहले पूरा करने की मांग की है। ऐसा न होने पर संघ ने धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।संघ का कहना है कि अनुबंध आधार  पर नियुक्त पैट तथा जेबीटी अध्यापकों के वेतन को कार्यालय द्वारा रोका गया है जबकि विभाग द्वारा अवकाश अवधि का वेतन दिए जाने के आदेश जारी हुए थे लेकिन फिर भी इन अध्यापकों का वेतन रोका गया। संघ ने मांग की है उपरोक्त अनुबंध आधार पर नियुक्त अध्यापकों का रुका हुआ वेतन अविलंब जारी किया जाए। संघ ने मांग की है कि सरकारी नियमानुसार अध्यापकों को जतंबमे वेबसाइट के माध्यम से फार्म-16 अविलंब जारी किए जाए अन्यथा शिकायत इन्कम टैक्स विभाग तथा मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। संघ का कहना है कि पंचायत चुनावों में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अध्यापकों के टीए/डीए की राशि कार्यालय के पास पड़ी हुई है फिर भी उसे कार्यालय द्वारा जारी नहीं किया जा रहा है। संघ ने मांग की है कि इन अध्यापकों की सूची तत्काल जारी की जाए तथा संबंधित अध्यापकों के बैंक खातों में यह राशि अंतरित की जाए। संघ का कहना है कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग द्वारा पाठशाला और खंड स्तर पर शिकायत निवारण समिति गठित करने की अधिसूचना जारी हुई है लेकिन अभी तक इस अधिसूचना की अनुपालना नहीं हुई है। संघ ने शीघ्र अति शीघ्र पाठशाला और खंड स्तर की शिकायत निवारण समिति का गठन करने की मांग की है ताकि पीडि़त अध्यापकों की परिवेदनाओं के लिए वैधानिक मंच मिल सके। वहीं संघ का कहना है कि बीईईओ कार्यालय में दूरभाष पर अध्यापकों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल रही हैं। अध्यापकों द्वारा बताया गया है कि उन्हें कार्यालय के कुछ कर्मचारियों द्वारा अध्यापकों को प्राथमिक शिक्षक संघ के माध्यम से अपनी समस्याएं रखने पर धमकाया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर कार्यालय में  ऐसी गतिविधियों को तत्काल बंद नहीं किया गया तो संघ द्वारा अध्यापकों के मान सम्मान के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जिम्मेदारी कार्यालय की होगी।