Tuesday, November 19, 2019 03:06 AM

मांगों को लेकर गरजीं आंगनबाड़ी कर्मी

किन्नौर के आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने निकाली रोष रैली, एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

भावानगर -जिला किन्नौर आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ द्वारा एसडीएम भावानगर के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पहले कर्मचारी संघ द्वारा भारतीय मजदूर संघ हिमाचल प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष मीला राम चंदेल की अध्यक्षता में भावानगर बाजार से लेकर मिनी सचिवालय भवन तक अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ  रैली निकाली गई। रैली में भारतीय मजदूर संघ जिला प्रभारी किन्नौर एवं लाल स्पीति यशपाल हेटाए राजू भारद्वाज प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भामसं कार्यकर्त्ता भगीराम चौधरी, जिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ अध्यक्ष प्रेमलता विशेष तौर पर मौजूद थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मीलाराम चंदेल ने कहा कि भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पूरे देश भर में वर्ष 1975 से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से समेकित बाल विकास योजना का संचालन किया जा रहा है जिसमें 25 लाख से भी ज्यादा की संख्या में आंगनबाड़ी कर्मी कार्यरत हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे जीरो से छह वर्ष आयु के बच्चों के पोषण एवं प्राथमिक स्वास्थ्य की देखभाल अनौपचारिक शिक्षा के साथ.साथ पूर्ण आहार उपलब्ध कराने शिशु एवं स्तनपान तथा गर्भवती माताओं को कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी पोषाहार विटामिन प्रोटीन उपलब्ध कराने का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है इसके अतिरिक्त राज्य शासन के द्वारा जनगणना आर्थिक जनगणना पल्स पोलियो राशन कार्ड सत्यापन ओडीएफ आदि का कार्य भी आंगनबाड़ी कर्मचारियों से संपन्न करवाया जा रहा है। हैरानी की बात है कि अभी तक आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है न ही इनके लिए न्यूनतम वेतन भत्ता दिया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा की जल्द ही यदि उनकी उचित मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो संघ द्वारा सरकार के खिलाफ  संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ द्वारा अपनी मांगों को ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया। उनकी प्रमुख मांगे आंगनबाड़ी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 18000 एवं सहायिका को 9000 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करनाए मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों के पदस्थ कार्यकर्ता को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बराबर मानदेय का भुगतानए आंगनबाड़ी कर्मचारियों का भी सामाजिक सुरक्षा के तहत पीएफए पेंशनए ग्रेच्युटीए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाएं, मासिक रिपोर्ट बनाने में ऑनलाइन खर्च उपलब्ध करवाया जाए, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को उम्र का बंधन हटा वरिष्ठता के आधार पर शतप्रतिशत पदोन्नत किया जाए। इस मौके पर जिला के तीनों ब्लॉक में से करीब 250 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त गीता देवी जिला उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष बबीता, राजन देवी जिला कोषाध्यक्ष भी मौजूद थे।