Wednesday, July 17, 2019 12:10 AM

माइनिंग परमिट है या रेवडि़यां

 रिकांगपिओ —चुनाव आयोग से अनुमती लिए बिना ही किन्नौर में चुनाव अचार सहिंता के दौरान माइनिंग विभाग द्वारा व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने का सनसनी खेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा जारी किया जा रहा इस तरह का माइनिंग परमिट एक नहीं बल्कि अनेक है। कुछ एक मामलों में तो विभाग में माइनिंग करने की अनुमति व्यक्ति विशेष को 14 मार्च से छह अप्रैल 2019 तक प्रदान किया गया है। इस दौरान माइनिंग परमिट लेने के लिए कार्यालय पहुंच रहे कइयों को तो  अधिकारी आचार सहिंता बता कर परमिट देने से इंकार भी कर रहे है जबकि व्यक्ति विशेष को परमिट जारी किया जा रहा है। बता दे कि गत दस मार्च 2019 को चुनाब आचार संहिता की घोषणा हुई थी। बाबजूद इस के माइनिंग विभाग रिकांगपिओ द्वारा 14 मार्च को माइनिंग परमिट जारी किया गया जब कि चुनाब आचार सहिंता के दौरान इस तरह का व्यक्तिगत लाभ किसी को नहीं दिया जा सकता है। कॉड ऑफ कंडक्ट के दौरान इस तरह के व्यक्तिगत लाभ दिए जाने से विभाग की कार्य प्रणाली पर ही सवाल उठना लाजमी है। बताया जाता है कि किन्नौर माइनिंग  विभाग में ऐसे भी कर्मचारी है जो पिछले 15 वर्षों से एक ही जगह पर अपनी सेवायें दे रहे है।  जानकारों का केहना है कि ऐसे अहम पदों पर कर्मचारियों का कई वर्षों तक रहना भी निष्पक्ष चुनाबो को कई न कई  प्रभावित कर सकता है। लिहाजा लम्बे समय तक एक ही स्थान पर सेवायें दे रहे ऐसे कर्मचारियों को भी  हटाया जाना आवश्यक है। चुनाव आचार संहिता के दौरान माइनिंग विभाग द्वारा व्यक्ति विशेष को सीधा फायदा पहुंचाए जाने के मामले पर पूह ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रेम कुमार नेगी ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए मामले की शिकायत चुनाब आयोग से करने की बात कही है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त किन्नौर से मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की भी मांग की है।