Tuesday, February 18, 2020 07:20 PM

माघी पर्व पर जूब बांट लिया बुजुर्गाें का आशीर्वाद

बंजार -मकर सक्रांति के साथ माघ मास का आगमन होने से उपमंडल बंजार मंगलवार के दिन अलग ही नजारा दिखने को मिला। घाटी में मकर संक्रांति को मनाने के लिए लोगों ने जहां तैयारियां पहले से कर ली थीं, वहीं घाटी के मंदिरों में भी लोगों का आना जाना भी  शुरू हो गया है। गौरतलब है कि मकर संक्रांति के दिन घाटी के लोगों ने अपने-अपने देवी-देवताओं की आराधना की और एक दूसरे को जौ की दूब भेंट करके बडे़-बुजुर्गों से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। वहीं माघ मास के आरंभ होते ही गांव के छोटे-छोटे बच्चे माघी मांगने एक दूसरे के घरों में गए और लोगों ने उन्हें मूंगफली, मोडी, गजक, अखरोट आदि देकर विदा किया। इस दौरान एक दूजे को जूब बांटकर आदर किया गया। कुल्लू घाटी में अनेक प्रकार की परंपराएं और मान्यताएं हैं। इसके साथ इन मान्यताआें ने युवाआें में शिष्टाचार के गुण भी कूट-कूट कर भरे हैं। घाटी में माघी पर्व पर विशेष बात यह है कि उम्र में छोटे लोग अपने से बड़ों को जौ की दूब दे कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया ।  मकर संक्रांति में लोक व्यंजनों जैसे सिडू, वावरू,बडे, चिलडे तथा मोडी का विशेष स्थान होता है। माघ माह में लोग अपने घरों में सिड्डू आदि बनाकर एक दूसरे के लिए अपने गांव में भी बांटते हैं। कुल्लू घाटी में सिड्डू लोक व्यंजन में अहम स्थान रखता है। इसके अलावा घाटी में खिचड़ी और अन्य पारंपारिक व्यंजनों को भी बनाया जाता है।