Tuesday, June 02, 2020 11:23 AM

मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का रखें ख्याल

बिलासपुर  - मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रकाश दरोच ने लोगों को कोविड-19 की वजह से तालाबंदी के दौरान लोगों को मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्त्वपूर्ण टिप्स दिए हैं। आम जनता अपनी जीवन शैली में महत्त्वपूर्ण सुझावों को अपनाकर अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रख सकती है। लॉकडाउन ने लोगों का पूरा माहौल बदल दिया है। अचानक से स्कूल, आफिस, बिजनेस बंद हो गए, बाहर नहीं जाना और दिन भर कोरोना वायरस की ही खबरें देखने से इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि लोगों को परेशान करने वाली तीन वजह हैं, एक तो कोरोना वायरस से संक्रमित होने का डर, दूसरा नौकरी और कारोबार को लेकर अनिश्चितता और तीसरा लॉकडाउन के कारण आया अकेलापन। ऐसी परिस्थिति में स्ट्रेस बढ़ना लाजिमी है। सामान्य स्ट्रेस तो हमारे लिए अच्छा है। इससे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है, लेकिन ज्यादा स्ट्रेस व डिस्ट्रेस बन जाता है। यह तब होता है जब हमें कोई रास्ता नहीं दिखता, घबराहट होती है, उर्जाहीन महसूस होता है और कोरोना महामारी जैसी बीमारी की वजह से तनाव में है। तनाव का असर शरीर दिमाग, भावनाओं और व्यवहार पर पड़ता है। जिसका हर किसी पर अलग-अलग असर होता है। उन्होंने बताया कि तनाव की वजह से सिरदर्द, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना, थकान, ब्लड प्रैशर में उतार चढ़ाव के कारण चिंता, गुस्सा, डर, चिड़चिड़ापन, उदासी और उलझन हो सकती है। जिसके कारण दिमाग पर असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि तनाव को दूर करने के लिए खुद को मानसिक रूप से मजबूत करना जरुरी है, ध्यान रखना है कि सब कुछ फिर से ठीक होगा और पूरी दुनिया इस कोशिश में जुटी हुई है। बस धैर्य के साथ इंतजार करें। अपने रिश्तों को मजबूत करें।

लॉकडाउन के दिनों को करें यूटिलाइज

लॉकडाउन के दिनों को यूटलाइज करना होगा। प्रतिदिन एक्सरसाइज करना, हैल्दी डाइट के लिए चार्ट बनाना, रोजाना कुछ न कुछ नया करना, कुछ नई चीजें सीखने से फायदा हो सकता है। घर पर पेंटिंग कर सकते हैं, गाना या डांस सीख सकते हैं। क्राफ्ट के जरिए कुछ बना सकते हैं। इसके लिए गूगल और यू टयूब की मदद भी ली जा सकती है। अपने परिवार वालों के साथ वक्त बिता सकते  हैं। अपने घर के लंबित कार्यों को निपटा सकते हैं। नई भाषा सीख सकते हैं, धार्मिक काम भी किए जा सकते हैं।