Friday, September 24, 2021 06:30 AM

मानसून में इन बीमारियों से बचें

जून-जुलाई की तेज गर्मी के बाद बारिश का मौसम आते ही वातावरण में ठंडक के साथ-साथ कई गंभीर बीमारियां भी दस्तक देने लगती हैं। कीड़े-मकोड़ों और मच्छरों के पैदा होने और लोगों को काटने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में बारिश का पानी इकट्ठा होने और जलभराव के कारण मलेरिया-डेंगू के मच्छर पनपने लगते हैं।

डेंगूः पिछले कुछ सालों में देश के कई बड़े शहरों में डेंगू का कहर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसका शुरुआती लक्षण होता है कंपकंपी, बुखार, नाक से पानी निकलना तथा पेट में जबर्दस्त मरोड़ उठना। इसके बचाव के लिए आसपास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें, गमलों-कूलरों तथा ऐसे स्थानों की नियमित साफ-सफाई और मिट्टी तेल का छिड़काव करें। सुबह-शाम के वक्त ऐसे कपड़े पहनें, जिससे शरीर का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा ढंका रहे।

चिकुनगुनियाः गर्मी और बरसात का मौसम आते ही चिकुनगुनिया पांव पसारने लगता है। चिकुनगुनिया एक वायरस से होने वाली बीमारी है, जिसके लक्षण डेंगू बुखार जैसे ही होते हैं। यह बीमारी मच्छर जनित है। इस बीमारी के लक्षण जोड़ों के दर्द के साथ अचानक बुखार आना, मितली, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द के साथ सूजन आदि हैं। बचाव के लिए कूलर का पानी सात दिन में जरूर साफ करें, घर में रखें कबाड़ में पानी न ठहरने दें। बुखार आने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।

सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए

पूजा के लिए सुबह-सुबह का समय सबसे अच्छा रहता है, इस कारण यदि आप शिवजी की कृपा पाना चाहते हैं तो सुबह बिस्तर जल्दी छोड़ देना चाहिए। जल्दी जागें और स्नान आदि कार्यों के बाद शिवजी की पूजा करें। यदि देर तक सोते रहेंगे, तो इससे आलस्य बढ़ेगा। सुबह जल्दी उठने से वातावरण से स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं।

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