मामू का टी स्टाल… यह पीपल का पेड़, कभी न भूल पाऊंगा

 मंडी —‘मामू का टी स्टाल’ और मंडी कालेज के प्रांगण में बीते पल प्रदेश के मुख्यमंत्री की यादों में इस कदर बसे हैं कि उन्हें याद कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गला भर आया। 1948 में शुरू हुए वल्लभ डिग्री कालेज मंडी के प्लेटिनम जुबली समारोह में इतिहास के पन्नों को पलटती ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन की प्रस्तुतियों को देखने के बाद मुख्यमंत्री जब भाषण देने के लिए उठे तो उनका गला भर आया और आंखों से आंसू टपकने के लिए तैयार थे। ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन के सदस्यों ने अपनी प्रस्तुतियों से वर्षों पुरानी यादों को मंच पर जिंदा कर दिया। ‘मामू का टी स्टाल’ जब मुख्यमंत्री ने मंच पर सजे हुए देखा, तो वह भावुक हो उठे।  इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्हें अपनी जिंदगी का सबसे अच्छा समय इसी मंडी कालेज के प्रागंण में बिताया है। उन्होंने कहा यह पीपल का पेड़ उस समय का साक्षी है। मैं दुआ करता हूं कि पीपल के इस पेड़ की उम्र लंबी हो। उन्होंने इसी कालेज से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री ठाकुर ने कहा कि दसवीं कक्षा के बाद दो वर्ष उन्हें आगे पढ़ने का मौका नहीं मिला और जब मंडी आए तो एडमिशन बंद थी और फिर उन्हें ईवनिंग कालेज मे एडमिशन मिली और बाद में उन्हें इस कालेज में दाखिला। इसी कालेज कैंपस में अपनों से कितनी बार मिलना हुआ, बिछड़ना हुआ और कितनी बार उन्होंने इस मंच पर प्रस्तुतियां भी दीं। उन्होंने कहा कि हर रोज दीपक, शक्ति, छोटू, सैणी, प्रियव्रत सहित कई अन्य मित्रों के साथ कभी पीपल का पेड़ तो कभी मामू टी स्टाल तो कभी होस्टल में काली चाय की चुस्कियां, आज भी उन्हें याद हैं। जयराम ठाकुर ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नशे से दूर रहें और जीवन में लगातार सीखते रहें।

लड़कियों के मिलते थे वोट

प्लेटिनम जुबली समारोह में ओल्ड एसोसिएशन के एक सदस्य एवं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथी ने कहा कि कालेज में इलेक्शन के दौरान जयराम ठाकुर को सबसे अधिक वोट लड़कियों के मिलते थे। इस पर पंडाल में खूब तालियां बजी।

सीएम को अपने बीच पाकर गदगद

कभी मंडी कालेज के छात्र रहे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अपने बीच पाकर मंडी कालेज के छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था। हजारों छात्र-छात्राओं ने कई बार तालियों व सीटियों से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का अभिनंदन किया।

जब गुम हो गए थे फीस के पैसे

मंडी कालेज में समारोह के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कालेज के एक किस्से को सुनाते हुए कहा कि नए छात्रों को दिक्कतों से बचाने के लिए वे उनसे फीस लेकर खुद उसे कालेज के बाद जमा करवाते थे। एक बार उन्होंने ऐसे की फीस की रसीदें कटा लीं, लेकिन जब जेब में हाथ डाला तो फीस के 500 रुपए गुम हो चुके थे। उन्होंने मित्रों से उधार लेकर फीस के पैसे भरे थे।

 

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