Wednesday, December 11, 2019 05:14 PM

मिठाई बेचने वाले की रईसी देख दंग था जवाली

दो साल में ही बदल गया था मुख्य सरगना दरकाटी के विक्रम का रहन-सहन; सवाल, कहां से आया इतना पैसा

जवाली - हरियाणा की एक अकादमी में इस तरह के गुर सीखने के बाद अपने ही प्रदेश में इस तरह के काले कारनामे को अंजाम देने वाला मुख्य सरगना कोई और नहीं, बल्कि जवाली के दरकाटी का ही रहने वाला विक्रम है। पुलिस भर्ती कांड के मुख्य सरगना जवाली निवासी विक्रम की वीआईपी शानोशौकत देखकर हर कोई हैरान था, लेकिन कोई भी समझ नहीं पा रहा था कि दो साल पहले मिठाई की दुकान करने वाला विक्रम इतना अमीर कैसे हो गया। सरगना विक्रम के पिता हरियाणा के इरिगेशन विभाग में कार्यरत थे और उन्होंने अपने इकलौते बेटे विक्रम की पढ़ाई भी हरियाणा में ही करवाई। विक्रम ने जमा दो की पढ़ाई हरियाणा से ही की है और पिता के सेवानिवृत्त होने के बाद वह जवाली में आकर बस गए। इसके बाद विक्रम ने भनेई में बीकानेर मिष्ठान भंडार के नाम से दुकान खोली, जिसका काफी नाम बिका, लेकिन दो साल के समय अंदर ही विक्रम ने इसे बंद कर दिया। इसी के बीच विक्रम की शादी हो गई। उसका दो साल का बेटा है। यकीनन विक्रम रातोंरात अमीर बनने का सपना देखने लगा और शायद इसी लोभ में फंसकर उसने इस तरीके से पैसे कमाने का मन बनाया। उसके तार हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व हिमाचल के सरगना से जुड़ गए, जो कि पुलिस भर्ती सहित अन्य विभागों में लिखित टेस्ट पास करवाने की एवज में लाखों रुपए एंठने लगे। इनका मुख्य सरगना विक्रम बन गया, जो कि लिखित परीक्षा पास करवाने की सात से आठ लाख रुपए कीमत वसूल करने लगा। देखते ही देखते उसका रहन-सहन वीआईपी कल्चर में तबदील हो गया। उसका मेल-मिलाप वीआईपी लोगों से होने शुरू हो गया। विक्रम के पास वीआईपी गाड़ी व कमरे में महंगा फर्नीचर है, जिसकी कीमत लाखों में होगी। खिड़कियों-दरवाजों की चमक भी देखते ही बनती है। छापामारी में भी पुलिस को विक्रम के घर में 11 लाख 15 हजार 800 रुपए की नकदी बरामद होना भी किसी हैरानी से कम नहीं है। अभी तक सरगना पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है और पुलिस गिरफ्त में आने के बाद ही पता चल पाएगा कि उसके पास लाखों रुपए कहां से आए और उसके तार कहां-कहां जुड़े हैं। विक्रम फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन एसआईटी उसकी धरपकड़ के लिए जगह जगह छापेमारी कर रही है।