Wednesday, May 22, 2019 12:55 PM

मुख्य सचिव चुनाव आयोग के अधीन

हिमाचल पुलिस के 16 हजार जवान भी ईसी को करेंगे रिपोर्टिंग

 शिमला -हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल को चुनाव आयोग ने डेपुटेशन पर अपने अधीन ले लिया है। इसके अलावा हिमाचल पुलिस के 16 हजार जवान तमाम अफसरों सहित चुनाव आयोग के अधीन रहेंगे। केंद्रीय चुनाव आयोग के ये आदेश लोकसभा चुनावों की आचार संहिता तक जारी रहेंगे। इसके तहत सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की राज्य सरकार की बजाय चुनाव आयोग को ही जवाबदेही रहेगी। टूअरिंग तथा छुट्टी पर जाने का फैसला भी आयोग की अनुमति पर निर्भर होगा। राज्य सरकार के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह खुद चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहे हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज कुमार का कहना है कि पुलिस विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी चुनाव आयोग के अधीन काम करेंगे। इसके तहत सभी 16 हजार कर्मचारियों की छुट्टी भी आयोग की अनुमति पर निर्भर करेगी। जाहिर है कि लोकसभा चुनावों के चलते जारी आदर्श चुनाव आचार संहिता के कारण चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारी केंद्रीय चुनाव आयोग के दायरे में आ गए हैं। इस फेहरिस्त में सबसे बड़ा नाम प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव का है। इसके अलावा जिला के सभी उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चुनाव आयोग की देखरेख में काम कर रहे हैं। एसडीएम तथा तहसीलदार से लेकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा हर अधिकारी-कर्मचारी चुनाव आयोग की जद में आ गया है। इसी प्रक्रिया के तहत पुलिस विभाग के टॉप-टू-बॉटम अधिकारी-कर्मचारी चुनाव आयोग के अधीन काम कर रहे हैं। बताते चलें कि प्रदेश में करीब 16 हजार पुलिस जवान हैं। लिहाजा इन कर्मचारियों के अवकाश तथा रूटीन मामलों की अनुमति चुनाव आयोग से संभव नहीं है। इसके चलते हिमाचल प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने पुलिस विभाग को आदेश दिए हैं कि रूटीन मामलों को नियमानुसार निपटाया जाए। इसके लिए पुलिस विभाग तय करे कि हर गतिविधि की रिपोर्टिंग चुनाव आयोग को की जाए।