Saturday, August 15, 2020 01:18 PM

मेडिकल कालेज में छाया सन्नाटा

ओपीडी बंद होने से घटी मरीजों की संख्या, कोरोना से निपटने को तैयारी पूरी

नेरचौक - पिछले साल श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कालेज नेरचौक में इलाज के लिए करीब तीन लाख लोग पहुंचे थे, लेकिन आज यहां पूरी तरह से सन्नाटा है। कोविड 19 के संकट के बीच भले ही यह सन्नाटा बाहर से अखरता हो, लेकिन इस संस्थान के भीतर कोविड 19 से लड़ने के लिए पूरी तैयारियां चल रही हैं। मेडिकल कालेज में इन दिनों ओपीडी बंद है, सिर्फ प्रसूता और एमर्जेंसी सेवाओं के अलावा फ्लू ओपीडी ही चल रही है। वर्तमान में पूरा फोकस कोरोना वायरस पर ही है। हाल ही में प्रदेश के इस बड़े अस्पताल को कोरोना वायरस के संकट के बीच रेड केटागरी में रखा गया है और रेड केटागरी में रखने पर अब नेरचौक के इस अस्पताल में कोरोना के पॉजिटिव रोगियों का इलाज भी होगा। प्रदेश में ऐसा सिर्फ आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कालेज और नेरचौक मेडिकल कालेज में ही होगा। हालांकि कोविड 19 को लेकर प्रदेश में अभी तक स्थिति राहत भरी चल रही है, लेकिन अगर फिर भी कोई संकट आता है, तो नेरचौक मेडिकल कालेज भी इस संकट का सामना करने के लिए बिलकुल तैयार है। मेडिकल कालेज के एमएस डा. देवेंद्र शर्मा बताते हैं कि मेडिकल कालेज के छठे फ्लोर पर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया, जहां 28 बेड की व्यवस्था की गई है। इन 28 बेड में से सात बेड वेंटिलीटर युक्त हैं। पांचवीं फ्लोर में स्टेपडाउन वार्ड बनाया गया है, जहां पाजिटिव से नेगेटिव होने वाले मरीजों को रखा जाएगा। हालात अगर ज्यादा खराब हुए और मरीजों की संख्या बढ़ी तो यहां चार सौ बेड और चिन्हित कर लिए गए हैं।