Monday, April 06, 2020 05:54 PM

मोनाल संरक्षण बेहद जरूरी

-प्रकाश चौहान, मंडी    

इस धरती पर पक्षियों की हजारों प्रजातियां हैं। और उन हजारों प्रजातियों में से कुछ प्रजातियां बहुत सुंदर हैं, उनमें से हिमालयी मोनाल एक है। जब किसी प्रजाति के संरक्षण की स्थिति आ जाए तो भविष्य में उस प्रजाति के विलुप्त होने का खतरा बन जाता है। मोनाल एक ऐसा सुंदर पक्षी है जो कभी प्रदेश का राज्य पक्षी होता था, आज उसकी जगह जुजुराना को दे दी गई है। मोनाल आज भी उत्तराखंड का राज्य पक्षी तथा नेपाल का राष्ट्रीय पक्षी माना जाता है।  मोनाल की पहचान उसके सिर के ऊपर लगी हरे व बैंगनी रंग की कलगी से होती है और यही कलगी आज तक कई मोनाल पक्षियों की मृत्यु का कारण भी बन चुकी है। पहाड़ी टोपी प्रदेश की विश्व स्तर पर एक पहचान है, उसी पहाड़ी टोपी पर जिला कुल्लू में ज्यादातर मोनाल की कलगी लगाने की परंपरा है और बहुत लोगों ने इस टोपी को लगाने के लिए वन विभाग से लाइसेंस भी लिए हैं। परंतु सवाल यह है कि किसी पक्षी का सिर काटकर अपना सिर सजाना क्या एक सभ्य समाज की पहचान है? एक टोपी की कीमत बढ़ाने के लिए न जाने कितने मोनाल पक्षियों की जान ली जाती है। सरकार को इस मामले में कड़े कदम उठाने चाहिए  और हम सभी को मिलकर मोनाल संरक्षण में सरकार की मदद करनी चाहिए।