Monday, August 19, 2019 03:10 PM

मौसम की पलटी…गर्मी में सर्दी का एहसास

शिमला —जिला शिमला में गर्मी के मौसम में भी जाड़े का एहसास होने लगा है। बारिश के बाद जिला में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में अप्रैल माह के दौरान भी लोग गर्म वस्त्र ओढ़ने को मजबूर हो गए हैं। शिमला में लगातार दो दिन मौसम खराब रहने और बारिश होने के कारण न्यूनतम तापमान लुढ़क कर नौ डिग्री तक पहंुच गया है, जो बीते सप्ताह के दौरान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तापमान में एकाएक गिरावट आने से लोग ठिठुहरने को मजबूर हो गए हंै। वहीं, मौसम की करवट ने किसानों-बागबानों की रातों की नीद उड़ा दी है। जिला शिमला के अधिकतर क्षेत्रों में बुधवार सुबह के समय मौसम के मिजाज कड़े  दिखे। समूचा जिला सुबह के समय धंुध के आगोश में दिखा। इस दौरान जिला के अधिकतर क्षेत्रों में गर्जन के साथ बारिश हुई। दोपहर करीब एक बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे शिमला में फिर से ठंड का प्रकोप  दिखा। खासतौर पर जिला के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश के बाद कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऊपरी शिमला के कुफरी, नारकंडा, मतियाना, ठियोग का न्यूनतम तापमान लुढ़क पांच डिग्री तक पहंुच गया है। वहीं, जिला शिमला के अधिकतम तापमान में भी एकाएक भारी गिरावट आंकी गई है। शिमला का अधिकतम तापमान लुढ़क कर 15 डिग्री से नीचे आ गया है।

बारिशः सेब पर मंडराया खतरा

जिला शिमला में लगातार दो दिन तक बारिश व मौसम खराब रहने से शिमला के तापमान में भारी गिरावट आई है। जिला शिमला के मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों फ्लावरिंग हो रही है। ऐसे में तापमान में गिरावट सेब की फसल के लिए घातक साबित हो सकती है। तापमान में गिरावट आने से सेब के पौधों में परागण प्रक्रिया प्रभावित होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। मौसम के मिजाज देखकर बागबानों की रातों की नीदें उड़ गई हंै।

जिला में कल से साफ रहेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत जिला शिमला के एक-दो स्थानों पर गुरुवार को भी बारिश होगी। विभाग की मानंे तो जिला शिमला में 19 अप्रैल से आगामी एक सप्ताह तक मौसम साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी, जबकि माह के आखिर में फिर से मौसम के तेवर दिखाने की संभावना जताई जा रही है।

राजधानी में शाम तक घिरी रही धुंध

जिला शिमला में बुधवार को शाम तक धुंध घिरी रही। हालांकि दोपहर के समय मौसम खुलना शुरू हो गया था, मगर शाम के समय फिर से हिल्सक्वीन धुंध के आगोश में दिखी। खासतौर पर जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में धंुध का प्रकोप ज्यादा दिखा, जिसके चलते वाहन चालको को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बीते वर्ष भी ओलावृष्टि ने मचाया था कहर

जिला शिमला में बीते वर्ष भी ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया था। हालांकि जिला शिमला के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस साल अच्छी सेटिग हुई है। वहीं, मध्यम ऊंचाई वाले क्षेेत्रों में भी सेब के पौधों मंे चारों ओर फूल ही फूल दिख रहे हंै, जिसे देखकर बागबानों में बंपर फसल की उम्मीदंे जगी थीं। मौसम में एकाएक आई करवट से बागबान चिंतित दिख रहे हैं। बागबानों को खतरा सता रहा है कि यदि मौसम के मिजाज ऐसे ही बने रहते हंै, तो कहीं बीते वर्ष की तरह उनकी मेहनत पर पानी न फिर जाए।