Sunday, September 22, 2019 07:26 AM

यकीन मानिए, आपके पशु रोग मुक्त होंगे

सुंदरनगर में पशु रोग नियंत्रण पर सजा कार्यक्रम;110 किसानों ने लिया भाग, विधायक राकेश जम्वाल ने की शिरकत

सुंदरनगर -कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर द्वारा राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान तथा स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन केंद्र के परिसर पर किया। इस कार्यक्रम में जिला मंडी के लगभग 110 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यशाला में सुंदरनगर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक राकेश जम्वाल बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए। किसानों को संबोधित करते हुए राकेश जम्वाल ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि एवं पशुपालन का विशेष महत्त्व है। बिना पशुपालन के टिकाऊ कृषि विकास की कल्पना असंभव है। सकल घरेलू कृषि उत्पाद में पशुपालन का 28-30 प्रतिशत का योगदान सराहनीय है जिसमें दुग्ध एक ऐसा उत्पाद है जिसका योगदान सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि भारत लगभग 121.8 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन करके विश्व में प्रथम स्थान पर है जो कि एक मिसाल है। यह उपलब्धि पशुपालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं में पशुओं की नस्ल, पालन-पोषण, स्वास्थ्य एवं आवास प्रबंधन में वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अनुसंधान एवं उसके प्रचार-प्रसार का परिणाम है। लेकिन आज भी कुछ अन्य देशों की तुलना में हमारे पशुओं का दुग्ध उत्पादन अत्यंत कम है और इस दिशा में सुधार की बहुत संभावनायें है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर है। छोटे व सीमांत किसानों के पास कुल कृषि भूमि की 30 प्रतिशत जोत है। इसमें 70 प्रतिशत कृषक पशुपालन व्यवसाय से जुड़े है जिनके पास कुल पशुधन का 80 प्रतिशत भाग मौजूद है। स्पष्ट है कि देश का अधिकांश पशुधन, आर्थिक रूप से निर्बल वर्ग के पास है। भारत 121.8 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन के साथ विश्व में प्रथम, अंडा उत्पादन में तृतीय तथा मांस उत्पादन में सातवें स्थान पर है। यही कारण है कि कृषि क्षेत्र में जहां हम मात्र 1-2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर प्राप्त कर रहे हैं वहीं पशुपालन से 4-5 प्रतिशत। पशुपालन व्यवसाय में ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने की अपार संभावनाएं हैं। इससे पूर्व केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डा. पंकज सूद ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर किसानों द्वारा लाए गए पशुओं में टीकाकरण किया गया। साथ ही पशु पालन विभाग, मंडी के अधिकारियों ने इस कार्यशाला में पशुओं में होने वाले रोगों व उनके नियंत्रण की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस कार्यशाला में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. विशाल ने भी किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के डा. डीएस यादव, डा. एलके शर्मा, डा. कविता शर्मा, डा. शकुंला राही तथा पशु पालन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।