Friday, December 06, 2019 09:56 PM

यह एनएच है या सब्जी मंडी

कांगड़ा - राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सड़क किनारे अस्थायी अवैध कब्जे आने वाले समय में सरकार के लिए आफत बन सकते हैं । अस्थायी कब्जों की वजह से वाहन चालकों व आम जनता को भी मौजूदा समय में भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है । दरअसल गगल से लेकर पालमपुर तक और कांगड़ा बाइपास पर हुए अंधाधुंध अवैध कब्जों की वजह से सड़के के तंग हो गई हैं। सड़क किनार अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और जब सड़क किनारे लोग वाहनों से उतरकर खरीदारी करते हैं, तो दुर्घटनाओं का भय सताता है। जाम लगने का भी खतरा लगातार बना हुआ है । सरकारी तंत्र की नाक के नीचे सैकड़ों अवैध कब्जाधारियों की पौबारह है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि  सरकारी तंत्र द्वारा इन कब्जाधारियों को हटाने की कोई भी कोशिश नहीं की गई है। वैसे जब यह कब्जे स्थायी हो जाते हैं, तो सरकारी तंत्र इन कब्जों को हटाने की कार्रवाई में जुट जाता है। कांगड़ा बाइपास की बात करें तो यहां अस्थायी कब्जे तो दूर लोगों ने स्थायी कब्जे कर लिए हैं। इन अवैध कब्जों की वजह से सड़कों की सूरत बदल गई है । कुछ स्थानों पर वर्कशॉपों के बाहर हो रहे मेकेनिक के कार्यों की वजह से गाडि़यां सड़क किनारे खड़ी रहती हैं और सड़क किनारे अवैध कब्जा धारियों की वजह से भी सड़कें तंग रहती है।  धर्मशाला स्थित पास्सू में सरकारी तंत्र सब्जी मंडी बनाने  की जद्दोजहद में जुटा हुआ है । एक करोड़ रुपए से ऊपर खर्च करने के बाद मंडी तो नहीं मिल पाई है, लेकिन वहां एक अवैध सब्जी मंडी सड़क किनारे जरूर खुल गई है ।  समलोटी पुल से पहले दर्जनों अवैध कब्जा धारी काबिज हैं, तो पुल से आगे सब्जी फल की फडि़यां लगाकर जबरन सड़क को तंग करने का प्रयास किया गया है। लोगों का कहना है कि इन कब्जाधारियों पर लगाम न लगाई गई, तो आने वाले समय में खतरा बढ़ेगा  कांगड़ा से मटौर तक सड़क किनारे वाहनों के खड़े करने पर प्रतिबंध लगाना पुलिस के लिए एक चुनौती है । आखिर इस पर व्यवस्था बनानी होगी।