युवाओं के लिए जिन्ना बनीं मिसाल, गोल्ड पर निशाना साध कर दिया कमाल

रोहड़ू की शूटर ने चमकाया हिमाचल का नाम, शूटिंग में सर्वाधिक अंक के साथ बनी देश की पहली महिला खिलाड़ी

नामः जिन्ना खिट्टा

जन्मः 20 मई, 2001

स्थानः रोहड़ू

पिताः पृथ्वीराज

शिक्षाः बीए फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट

‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ हिमाचल, हिमाचली और हिमाचलीयत की सेवा में सदैव तत्पर रहा है। यही कारण है कि किसी भी रूप में कुछ हटकर करने वालों को सम्मान हमारी प्राथमिकता में शामिल है। ‘दिव्य हिमाचल एक्सिलेंस अवार्ड‘ ऐसी ही कर्मठ विभूतियों, संगठनों व संस्थाओं के प्रयासों को प्रणाम करने का संकल्प है।

‘दिव्य हिमाचल एक्सिलेंस अवार्ड’ की ‘सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी’ की श्रेणी में शुमार हैं रोहड़ू की जिन्ना खिट्टा...

रोहडू - हिमाचल के रोहडू की बेटी जिन्ना खिट्टा ने भोपाल में आयोजित सीनियर वर्ग की शूटिंग चैंपियनशिप में दस मीटर रायफल्स में स्वर्ण पदक अपने नाम कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। साथ ही असम में हुई खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गोल्ड पर निशाना साध कर खेलो इंडिया की शूटिंग इवेंट में दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी हैं। खेल जगत में हिमाचल का नाम चमकाने वाली जिन्ना खिट्टा को ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ हिमाचल एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजने जा रहा है। हमारा मकसद उन प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाना है, जो किसी न किसी रूप में हिमाचल का सीना गर्व से चौड़ा कर रही हैं। यहां जान लें कि जिन्ना ने इस बार हिमाचल को पहला गोल्ड मेडल दिलाया है। वह असम में आयोजित  शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल लेकर देश की नई चैंपियन बन गई हैं। साथ ही देश व प्रदेश की लड़कियों के लिए एक प्रेरणा भी बन गई हैं। जिन्ना खिट्टा इन दिनों ओलंपिक की तैयारी करने में जुटी हैं। दस मीटर रायफल्स शूटिंग में देश से दो महिलाओं का चयन होगा, जिसके लिए वह दिन-रात नेशनल कोच और पर्सनल कोच वीरेंद्र बांश्टू के मार्गदर्शन में तैयारी कर रही हैं। जिन्ना ने हिमाचल को दूसरा मेडल दिलवाया है। इससे पहले जिन्ना खिट्टा का निशानेबाजी का सफर आठवीं कक्षा से शुरू हुआ। रोहडू में अराधना शूटिंग क्लब के कोच वीरेंद्र बांश्टू से जिन्ना ने अब तक प्रशिक्षण लिया है। जिन्ना बारहवीं तक अराधना स्कूल की छात्रा रही हैं। अब डीएवी चंडीगढ़ के सेक्टर दस में बीए प्रथम की छात्रा हैं। जिन्ना के पिता पृथ्वी राज खिट्टा एक बागबान व सक्रिय राजनेता हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। जिन्ना खिट्टा के दादा स्वर्गीय सूरत राम खिट्टा चीफ इंजीनियर रह चुके हैं। विरासत में मिली संपन्नता की बदौलत ही जिन्ना खिट्टा शूटिंग जैसी महंगी खेल में आगे बढ़ पाई हैं।  जिन्ना ने दिसंबर, 2019 में भोपाल में हुए सीनियर नेशनल में स्वर्ण पदक भी जीता है। इसके अलावा पुणे में आयोजित एसजीएएफ आई शूटिंग में कांस्य और नॉर्थ जोन शूटिंग प्रतियोगिता दिल्ली में रजत व केरल में नेशनल शूटिंग एक रजत और कांस्य पदक जीता है।

अंतरराष्ट्रीय कामयाबी

आस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित हुए शूटिंग वर्ल्ड कप 2018 में जिन्ना खिट्टा की टीम ने स्वर्ण पदक जीत पहला विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। वर्ष 2018 में जर्मनी के सुहेल में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए ब्राउंज हासिल किया। दोहा कतर में 2019 में 14वीं एशियन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर टीम ने ब्राउंज पदक जीता।

उपलब्धियां बेमिसाल

डिस्ट्रिक्ट चैंपियन में गोल्ड, स्टेट चैंपियन में गोल्ड, स्टेट चैंपियन ओलंपिक में गोल्ड, चंडीगढ़ इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड, एसजीएफआई पुणे, 2017 में ब्राउंज मेडल, नॉर्थ जोन दिल्ली में सिल्वर मेडल, त्रिवेंद्रम में 2017 में आयोजित नेश्नल शूटिंग चैंपियनशिप में तीन सिल्वर मेडल, दो ब्राउंज मेडल, 2018 में देहरादून में आयोजित नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप में तीन वर्गों में तीन गोल्ड मेडल।

जूनियर और यूथ में लोहा

2018 में केरल के त्रिवेंद्रम में शूटिंग नेशनल में एक-एक ब्राउंज और सिल्वर पदक हासिल किया। वह देश की सबसे अधिक अंक लेने वाली दूसरी महिला खिलाड़ी बनीं। वर्ष 2018 में दिल्ली में आयोजित खेलो इंडिया खेलो यूथ में जिन्ना खिट्टा ने चंडीगढ़ के लिए पहला गोल्ड जीता। तीन बार आयोजित हुई खेलो इंडिया में दो गोल्ड मेडल जीते।

खास : यूथ रैंकिंग में पहला स्थान  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक एक स्वर्ण पदक, तीन कांस्य पदक

 

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