Tuesday, August 04, 2020 10:24 AM

युवाओं में होनी चाहिए दृढ़ निश्चय की भावना

वायुसेना में करियर संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने दिग्विजय सिंह  से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश...

दिग्विजय  सिंह फ्लाइट लेफ्टिनेंट रोहडू, जिला शिमला

वायुसेना में जाने की प्रेरणा किस से मिली?

शुरू से ही मन मैं था कि एक दिन पायलट बनना है और इस देश में वायु सेना हीश्रेष्ठतम पायलट बनाती है। इसलिए वायु सेना ही मेरी पहली पसंद और प्रेरणा रही है।

वर्दी पहनने के बाद बाकी युवाओं से खुद का मूल्यांकन कैसे करते हैं?

मैं अपने कंधों पर अब अधिक जिम्मेवारियों को अनुभव कर रहा हुं और राष्ट्र सेवा में बड़ी जिम्मेवारियों को निभाना है, जिन्हें राष्ट्र के सभी युवाओं को बखूबी से राष्ट्र निर्माण में निभाना चाहिए।

जॉब मिलने पर आरंभिक आय क्या होती है?

वेतन काफी अच्छा है। इसके अलावा भत्ते मिलते हैं, जो शायद ही कोई किसी अन्य पेशे में सोचा जा सकता है।  पेशा खुद एक पर्क है। और अगर हम उस मौद्रिक आंकड़े की बात करें जो मेरे बैंक खाते में हर महीने जमा होता है जो एक लाख के करीब है।

तैयारी कब शुरू की और कैसे की?

मैं महज आठवीं कक्षा में था, जब में विभिन्न समाचार पत्रों में बतौर अधिकारी ज्वाइन करने से संबंधित ज्ञापन देखा करता था। यही वे दिन थे, जब मेरे मस्तिष्क में इसके लिए तैयारियां करना शुरू की। सबसे पहले अपनी शारिरिक दक्षता में प्रतिदिन सुधार करने को लेकर अभ्यास शुरू किए। एयर फोर्स की सपना हर क्षण मेरे साथ रहा, जिससे अपनी तैयारियों में 100 फीसदी ध्यान मेरा इस ओर रहा।

वायु सेना में जाने के लिए कोई तीन विशेषताएं जो जरूरी हैं?

सबसे पहले आपने एक दृढ़ निश्चय की भावना होनी चाहिए, दूसरा जिम्मेवारियों का एहसास होना चाहिए। निश्चितता, देश सेवा का जज्बा होना चाहिए। यह सब सिर्फ जीवन जीने के लिए ही नहीं होना चाहिए, सब कुछ न्यौछावर करने की भावना भी होनी चाहिए।

वायु सेना ज्वाइन करके राष्ट्र के लिए आपका पैगाम क्या है?

हमें उन वीरों के बलीदान को नहीं भुलना चाहिए, जो हमारे राष्ट्र के जल थल और वायु की सीमाओं की पहरेदारी कर रहे हैं। यही वे लोग है, जिनके बलिदान से हम एक स्वतंत्र राष्ट्र में सांसे ले रहे हैं।

शैक्षणिक व शारीरिक तैयारियों का संतुलन कैसे बिठाते हैं?

एक स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन निवास करता है। व्यक्तिगत रूप से में एक आम आदमी हुं। इसके साथ ही यह भी में जानता हुं कि मुझे पायलट बनना है तो, इसके लिए मुझे अपने आप को शारिरिक और शैक्षणिक रूप से विकसित करना है। एक पायलट बनने के लिए आपकों गणित व रसायन विज्ञान का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है। एयर फोर्स में इन्ही विषयों से संबंधित ज्ञान होना आवश्यक है।

हिमाचली युवा आपके अनुसार कहां मात खाते हैं?

हिमाचली युवाओं को नशे की लत लग चुकी है। यही इनके नाश की सबसे बड़ी जड़ है। हालांकि इनमें कुछ करने का मादा भी है, लेकिन वे इसलिए आगे नहीं बढ़ पाते हैं कि उन्हें मार्ग दर्शन भी नहीं मिल पा रहा है या अपने भीतर आगे बढ़ने की ललक नहीं है। अपनी योग्यता के अनुरूप अवसरों की पहचान करने का भी बड़ा अभाव है।

जीवन के प्रति आपका अनुशासन क्या है?

अनुशासन का प्रशिक्षण घर से होता है, मेरी माता के सख्त रूख व मेरे पिता जी का कठोर परिश्रम वाले व्यक्तित्व ने मुझे वह स्वप्न दिया। वहीं इसके प्रति ध्यान रखते हुए में कठिन परिश्रम भी कर पाया।

युवाओं को इस करियर में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

जीवन के सभी क्षेत्रों में चुनौतियां हर जगह हैं। इसलिए अगर कोई वास्तव में कुछ करना चाहता है, तो वह इसका आनंद लेगा और इसे चुनौती के रूप में कभी नहीं गिना जाएगा।

हिमाचली युवाओं को आपके प्रमुख तीन टिप्स?

ड्रीम विद ओपन आई, हार्ड वर्क टू ट्रांसफार्म देम इन रियलिटी फलियर विद कम,  टी देम एज स्टेपिंग स्टोन्स एंड कार्व आन यूअर सक्सेस स्टोरी। जीवन एक बार मिला है और इसे नशे से दूर रखे।

— बृजेश फिष्टा, रोहडू