Sunday, September 22, 2019 07:23 AM

यूएन में धो डाला पाक

कश्मीर पर फैलाए जा रहे झूठ पर भारत का जवाब, आतंक का केंद्र सुनाता है झूठ की कहानी

जेनेवा - भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर का मसला उठाने पर करारा जवाब दिया है। भारत ने पाकिस्तान की तरफ से रखे गए झूठ के पुलिंदों पर करार जवाब देते हुए उसे आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की तरफ से कश्मीर पर दिए बयान को भारत ने वैश्विक आतंक के केंद्र की तरफ से बोला गया सरासर बेबुनियाद झूठ करार दिया। कश्मीर में मानवाधिकरों के उल्लंघन के आरोप पर पाकिस्तान को धोते हुए भारत की तरफ से विदेश मंत्रालय की सचिव विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि हमारा संविधान किसी भी व्यक्ति से भेदभाव के हर किसी नागरिक को बराबर सम्मान देता है। हमारी स्वतंत्र न्यायपालिका, फ्री मीडिया और हमारा समाज मानवाधिकारों की रक्षा करता है। हमारे हाल के कदम से जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रत्येक नागरिक की तरह समान अधिकार मिलेंगे। हमारे हाल ही के कदम से जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रत्येक नागरिक की तरह समान अधिकार मिलेंगे। इस कदम से लिंग भेद समाप्त होगा। बाल अधिकारों को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि झूठ की यह कहानी वैश्विक आतंकवाद के केंद्र से आती है, जहां आतंक को आश्रय दिया जाता है। हम इस बात को फिर से दोहराना चाहते हैं कि संसद द्वारा पारित अन्य विधानों की तरह यह संप्रभु निर्णय पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि दिक्कतों के बावजूद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जरूरी सामानों की सप्लाई जारी रखी है और प्रतिबंधों में भी धीरे-धीरे छूट दी जा रही है। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का आका बताते हुए जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि इन फैसलों पर दुनिया ने भारत का समर्थन किया है और इनके सार्थक परिणाम जल्द ही सारी दुनिया देखेगी। इससे पहले जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाए पाकिस्तान ने यूएनएचआरसी में इसे मुद्दा बनाने की भरसक कोशिश की। पाकिस्तान ने मंगलवार को 115 पेज के झूठ के पुलिंदे के साथ यूएनएचआरसी में कश्मीर की स्थिति को लेकर भारत पर आरोप लगाए। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत पर कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा नहीं है और यूएन को इसमें दखल देना चाहिए। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने यूएनएचआरसी में भाजपा के घोषणापत्र का जिक्र भी कर डाला। कुरैशी ने आरोप लगाया कि इसमें कश्मीर में जबरन मुस्लिमों को अल्पसंख्यक बनाने की बात कही गई थी। पाक विदेश मंत्री ने कहा कि कश्मीर भारत का आतंरिक मुद्दा नहीं है। कश्मीर में कब्रिस्तान जैसी खामोशी छाई हुई है। वहां नरसंहार किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और उमर अब्दुल्ला के बयानों का भी जिक्र किया। पाक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के मूलभूत अधिकारों को भारत द्वारा रौंदा गया है। वहां के लोग लगातार मौलिक स्वतंत्रता के उल्लंघनों का शिकार हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में सात से 10 लाख सेना है। पिछले छह सप्ताह में भारत ने जम्मू-कश्मीर को दुनिया का सबसे बड़ा कैदखाना बना दिया है। वहां जरूरी वस्तुएं भी उपलब्ध नहीं हैं। कश्मीर में छह हजार से ज्यादा नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, स्टूडेंट्स गिरफ्तार किए गए हैं। वह रोहिंग्या और गुजरात दंगे का जिक्र करने से भी नहीं चूका।

पाकिस्तानने जम्मू-कश्मीर को बताया भारतीय राज्य

जेनेवा— आखिरकार पाकिस्तान ने मान लिया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है? लोगों में इसको लेकर उत्सुकता तब बढ़ने लगी, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का एक वीडियो वायरल हुआ। यह वीडियो संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक हिस्सा लेने जेनेवा पहुंचे कुरैशी के मीडिया संबोधन का है। इस वीडियो में वह एक तरफ भारत पर मानवाधिकार के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वह कश्मीर को भारतीय राज्य भी स्वीकार कर रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान इसे भारत प्रशासित कश्मीर कहता है।