Wednesday, July 17, 2019 12:07 AM

यूरिन-ब्लड टेस्ट से बेपर्दा होगा कैंसर

सुजानपुर के डा. नवनीत डोगरा की रिसर्च यूएस पेटेंट के लिए फाइनल, शुरुआती स्टेज में ही चल पाएगी ट्रीटमेंट

सुजानपुर —कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी पर जारी रिसर्च के क्षेत्र में सुजानपुर के युवक ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने गहन शोध के बूते अमरीका की धरती पर इस घातक बीमारी पर की गई रिसर्च के चलते प्रदेश ही नहीं, देश का नाम रोशन किया है। दाड़ला पंचायत से ताल्लुक रखने वाले डा. नवदीप डोगरा (36) का शोध कैंसर के ऐसे मरीजों के लिए रामबाण साबित होगा, जिन्हें इस जानलेवा बीमारी का पता तब चलता है, जब डाक्टर भी हाथ खड़े कर देते हैं, यानी लास्ट मोमेंट पर। कारण कैंसर का पता लगाने के लिए जिस प्रोसेस से मरीज गुजरता है, उसमें लंबा वक्त लग जाता है। डा. नवदीप डोगरा द्वारा किए गए शोध के अनुसार अन्य बीमारियों की भांति कैंसर का पता भी मात्र यूरिन और ब्लड सैंपल की जांच से लग जाएगा। यानी प्रारंभिक चरण में ही इस बीमारी का पता लगने से मरीज की जिंदगी बचाने में मदद मिलेगी। डा. डोगरा ने अपनी काबिलियत के दम पर देश के कैंसर पीडि़तों के लिए राहत पहुंचाने वाला जो कार्य किया है, उसके बदले बदले उन्हें सम्मानित करने के साथ-साथ स्कॉलरशिप भी प्रदान की गई है। साथ ही उन्हें प्रोस्टेट कैंसर पर रिसर्च करने के कार्य के लिए भी अनुमति मिली है।

मशीन तैयार कर रहे हैं साइंटिस्ट

डा. नवनीत डोगरा 2008 से अमरीका में हैं और न्यूयार्क में कैंसर साइंटिस्ट हैं। हाल ही में कैंसर को लेकर उनके द्वारा किया गया आविष्कार यूएस पेटेंट के लिए फाइनल किया गया है। डा. नवनीत डोगरा के पिता वेद प्रकाश डोगरा ने बताया कि यह रिसर्च पेटेंट कैंसर की शीघ्र जांच पर आधारित है, जिसमें यूरिन और ब्लड के द्वारा कैंसर की जांच की जा सकेगी। डा. डोगरा ने जो रिसर्च की है, उसके आधार पर भविष्य में घर पर ही इस बीमारी की जांच की जा सकेगी। इसके लिए वह एक उपकरण बना रहे हैं। उनका पहला रिसर्च अमरीकी जर्नल सैल में अप्रैल के प्रथम सप्ताह में प्रकाशित होगा।

नादौन की डा. मृदु ने बर्लिन में बताई पंचकर्म की ताकत

 नादौन। नादौन के साथ लगते भड़ोली गांव निवासी डा. मृदु शर्मा ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में दसवीं अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा कान्फ्रेंस में भाग लिया तथा आधुनिक समय में पंचकर्म की आवश्यकता पर शोध पत्र पढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। डा. मृदु के पिता राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी डा. मृदु शर्मा को बर्लिन में इसी माह दसवीं अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा कान्फ्रेंस में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा उनका लेख कान्फ्रेंस सोविनियर में भी प्रकाशित किया गया। बर्लिन में आयोजित दसवीं अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा कान्फ्रेंस में भारत की ओर से डा. मृदु शर्मा के अतिरिक्त अर्जेंटीना, घाना, चीन, सउदी अरब, कनाडा, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड के चिकित्साविदों ने भी विचार प्रकट किए। डा. मृदु वर्तमान में उर्मिला देवी आयुर्वेदिक कालेज होशियारपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं तथा होशियारपुर में ही आयुर्वेद एवं पंचकर्म सेंटर भी चलाती हैं। गौर रहे कि डा. मृदु के पिता राजेंद्र कुमार शर्मा, उपनिदेशक उद्यान विभाग हिमाचल प्रदेश से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं तथा उनकी माता प्रोमिला शर्मा प्रवक्ता के पद पर शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।