Friday, December 13, 2019 07:16 PM

येलो लाइन लगाने को बनी कमेटी

राजधानी में चार सदस्यीय समिति का गठन; एसडीएम के अलावा पीडब्ल्यूडी-डीएसपी को किया शामिल, हाई कोर्ट के आदेश

शिमला -शिमला शहर में ट्रैफिक की चरमराती व्यवस्था को देखते हुए प्रदेश हाईकोर्ट ने शहर की सड़कों पर येलो लाइन लगाए जाने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता, डीएसपी ट्रैफिक और एसडीएम नागरिक को सदस्य बनाया है और कमेटी को आदेश दिए हैं कि वह दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट दायर करें। न्यायाधीश तरलोक सिंह ने नगर निगम शिमला को आदेश दिए हैं कि वह तीन दिसंबर तक शहर की सड़कों पर चिन्हित की गई येलो लाइन पार्किंग की नीलामी कर दें और येलो लाइन लगाने के काम को पूरा करें। एक जनहित मामले की सुनवाई के दौरान शहर की सड़कों पर लगाई गई येलो लाइन की उपयोगिता व्यवहारिकता जांचने के लिए एसडीएम शहरी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन करने के आदेश भी दिए। इस कमेटी को येलो लाइन चेक कर अपनी रिपोर्ट देने के आदेश भी दिए हैं। हाई कोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान उक्त आदेश पारित किए। पिछले आदेशों में हाई कोर्ट ने आदेश दिए थे कि शिमला शहर की सभी सड़कों पर गलत पार्किंग न हो और गाडि़यों को केवल पीली व सफेद लाइन के अंदर ही खड़ी करने की इजाजत हो। कोर्ट ने अपने आदेशों में यह स्पष्ट किया था कि उपरोक्त आदेशों की अनुपालना के लिए दोनों अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। कोर्ट मित्र जगदीश ठाकुर ने अदालत को बताया कि नगर निगम ने राम बाजार से तहबाजारियों को हटाने और शहर में अवैध निर्माण को हटाने बारे आदेशों की अनुपालना में कोताही बरती है। अदालत ने कोर्ट मित्र को आदेश दिए कि वह इस बारे विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करे।