Sunday, June 16, 2019 06:59 PM

योगी-मायावती के चुनाव प्रचार पर रोक

लखनऊ -लोकसभा चुनाव के बीच नेताओं के विवादित बयानों पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार पर 72 घंटे की रोक लगा दी है। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती 48 घंटे प्रचार नहीं कर पाएंगी। माना जा रहा है कि अब जया प्रदा के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी को लेकर भी आयोग समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। आयोग का यह आदेश मंगलवार सुबह छह बजे से प्रभावी होगा। आयोग ने इन दोनों नेताओं को 16 अप्रैल को सुबह छह बजे से चुनाव प्रचार में भाग लेने, जनसभाएं करने, रोड शो आयोजित करने, मीडिया के सामने बयान देने और साक्षात्कार देने आदि पर रोक लगाई है। बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान मायावती और योगी आदित्यनाथ के कथित रूप से विद्वेष फैलाने वाले भाषणों का सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संज्ञान लिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से जानना चाहा कि उसने इनके खिलाफ अभी तक क्या कार्रवाई की है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने चुनाव प्रचार के दौरान जाति और धर्म को आधार बना कर विद्वेष फैलाने वाले वाले भाषणों निबटने के लिए आयोग के पास सीमित अधिकार होने के कथन से सहमति जताते हुए निर्वाचन आयोग के एक प्रतिनिधि को मंगलवार को तलब किया। सुप्रीम कोर्ट में पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पहले नोटिस जारी करेंगे, फिर परामर्श जारी होगा और फिर शिकायत दर्ज की जाएगी। पीठ ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह के विद्वेष फैलाने वाले भाषणों से निबटने के आयोग के अधिकार से संबंधित पहलू पर वह गौर करेगा। सुनवाई के दौरान पीठ ने आयोग के अधिवक्ता से मायावती और योगी आदित्यनाथ के कथित नफरत फैलाने वाले भाषणों के कारण उनके खिलाफ उठाए कदमों के बारे में भी जानकारी मांगी। आयोग के अधिवक्ता ने कहा कि वे पहले ही दोनों नेताओं को नोटिस जारी कर चुका है। इस दौरान पीठ ने दो टूक कहा कि हमें मायावती और योगी आदित्यनाथ के खिलाफ उठाए कदमों के बारे में बताएं। बता दें कि एक चुनावी रैली में मुसलमानों से वोट की अपील कर मायावती फंस गई थीं। मायावती ने सात अप्रैल को अपने बयान में कहा था कि कांग्रेस मानकर चल रही है कि हम जीतें या न जीतें, लेकिन गठबंधन नहीं जीतना चाहिए, इसलिए कांग्रेस ने ऐसी जाति और ऐसे धर्मों के लोगों को खड़ा किया है, जिससे भाजपा को फायदा पहुंचे। मैं मुस्लिम समाज के लोगों को कहना चाहती हूं कि आपको वोट बांटना नहीं है, बल्कि एकतरफा वोट देकर गठबंधन को कामयाब बनाना है। मायावती के इस बयान को लेकर चुनाव आयोग ने उनसे जवाब तलब किया था। अब आयोग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मायावती को अगले 48 घंटे तक प्रचार से रोक दिया है। इसके अलावा अली और बजरंगबली को लेकर एक चुनावी सभा में दिए गए बयान पर आयोग ने सीएम योगी आदित्यनाथ को नोटिस जारी किया था। अब इस मामले में आयोग ने योगी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन दिन तक प्रचार पर रोक लगा दी है। योगी ने अपने बयान में कहा था कि अगर कांग्रेस, सपा, बसपा को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है।